पटना में हवाला नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, 30 लाख रुपये कैश बरामद, तीन हिरासत में
पटना के बुद्धा कॉलोनी इलाके में कथित हवाला नेटवर्क की जांच के दौरान इनोवा क्रिस्टा से करीब 30 लाख रुपये कैश बरामद होने की जानकारी सामने आई है. तीन लोगों से पूछताछ जारी है.
पटना(PATNA): राजधानी पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में कथित हवाला कारोबार से जुड़े मामले में पुलिस और इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई सामने आई है. जांच के दौरान एक इनोवा क्रिस्टा से करीब 30 लाख रुपये नकद बरामद किए जाने की जानकारी है. मामले में तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. वहीं, अरण्य बलभद्र अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 101 समेत कुछ ठिकानों पर जांच जारी बताई जा रही है.
कार की टक्कर के बाद पुलिस को हुआ शक
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मामला उस समय सामने आया जब एक कार की टक्कर के बाद पुलिस टीम की नजर संदिग्ध इनोवा क्रिस्टा पर पड़ी. पुलिस ने वाहन का पीछा किया और उसकी तलाशी ली. इस दौरान गाड़ी से करीब 30 लाख रुपये नकद मिलने की बात सामने आई. इसके बाद मामले की सूचना संबंधित एजेंसियों को दी गई और रकम के स्रोत की जांच शुरू की गई.
तीन लोगों से पूछताछ जारी
इस मामले में हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान संजय कुमार, दिग्विजय ठाकुर और पटेल कारण कुमार सिंधाभाई के रूप में बताई जा रही है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तीनों गुजरात के रहने वाले बताए गए हैं. जांच एजेंसियां उनसे नकदी के स्रोत, इसे ले जाने के उद्देश्य और संभावित संपर्कों के बारे में पूछताछ कर रही हैं.
कोलकाता में कैश पहुंचाने का दावा
सूत्रों के मुताबिक, इनोवा क्रिस्टा में नकदी गुजरात से लाई गई थी और इसकी डिलीवरी कोलकाता में की जानी थी. इसी यात्रा के दौरान तीनों के पटना पहुंचने की बात कही जा रही है. हालांकि, रकम किस व्यक्ति या संस्था की थी और इसे किसे सौंपा जाना था, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
3000 करोड़ के नेटवर्क की आधिकारिक पुष्टि नहीं
मामले को लेकर कथित हवाला नेटवर्क का कारोबार करीब 3000 करोड़ रुपये तक होने का दावा भी सामने आया है. हालांकि, इस आंकड़े की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए नेटवर्क के आकार और इससे जुड़े लोगों के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा.
कई ठिकानों पर जांच जारी
पुलिस और इनकम टैक्स विभाग की टीमें पटना में मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही हैं. एजेंसियों का फोकस बरामद नकदी के वास्तविक स्रोत, संभावित डिलीवरी नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान पर है.