टीएनपी डेस्क (TNP DESK):एक समय था जब बेटियों के जन्म पर परिवार में मातम जैसा माहौल होता था. लोगों को बेटी के जन्म के साथ ही उसकी पढ़ाई-लिखाई और शादी की चिंता सताने लगती थी. उसी को देखते हुए बिहार सरकार बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, शादी-विवाह और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की योजनाएं चला रही है. इन योजनाओं के पीछे सरकार का एक ही उद्देश्य है कि किसी भी बेटी की पढ़ाई आर्थिक तंगी की वजह से न छूटे और बेटियां पढ़-लिखकर आगे बढ़ें. आज हम आपको ऐसी तीन योजनाओं के बारे में बताने वाले हैं, जो बेटियों के पढ़ाई-लिखाई की आर्थिक मदद करती है. ये योजनाएं क्या हैं, चलिए आपको बता देते हैं.

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना बिहार की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक मानी जाती है, जो बेटियों के जन्म से उनके ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद करती है. हालांकि, उन्हें एक साथ पैसे नहीं दिए जाते हैं. सरकार द्वारा तय समय-सीमा के अनुसार किस्तों में राशि दी जाती है. जहां स्कूल की पढ़ाई के साथ मैट्रिक, इंटर और ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई के दौरान समय-समय पर आर्थिक सहायता दी जाती है. यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है. सरकार का मानना है कि इससे बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आएगी, परिवार पर आर्थिक बोझ भी कम होगा और छात्राएं आत्मनिर्भर बन सकेंगी. इस योजना के तहत स्नातक में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण छात्राओं को भी प्रोत्साहन राशि दी जाती है. योजना का लाभ सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजा जाता है.
बिहार का निवासी होना जरूरी
हालांकि, इस योजना के लिए कई नियम और शर्तें तय की गई हैं. यदि आप उन पर खरे उतरते हैं, तभी आवेदन कर सकते हैं. इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का बिहार का स्थायी निवासी होना जरूरी है. यानी केवल बिहार में स्थायी रूप से रहने वाली छात्राएं ही आवेदन कर सकती हैं. इसके साथ ही मान्यता प्राप्त कॉलेज या विश्वविद्यालय से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होना भी आवश्यक है. सरकार द्वारा निर्धारित अन्य योग्यताओं को भी पूरा करना जरूरी है.अब बात करते हैं कि इस योजना का लाभ कैसे लिया जा सकता है. इसके लिए संबंधित ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. आवेदन के दौरान कुछ जरूरी दस्तावेज भी जमा करने होंगे. आवेदन जमा करने के बाद उसकी एक प्रिंट अपने पास सुरक्षित रख लें. यदि आपके खाते में राशि नहीं आती है, तो आवेदन संख्या या पंजीकरण संख्या की मदद से पोर्टल पर जाकर आवेदन की स्टेटस जांच सकते हैं. यदि आवेदन लंबित दिखाई देता है, तो संबंधित कॉलेज या विश्वविद्यालय से संपर्क कर सकते हैं.

मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना
मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना उन छात्राओं के लिए है, जिन्होंने 10वीं या 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास की है. ऐसी छात्राओं को बिहार सरकार 10,000 से 25,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता देती है. इस योजना का उद्देश्य यही है कि मैट्रिक या इंटर के बाद यदि छात्राएं आगे पढ़ाई करना चाहती हैं, तो वे इस राशि की मदद से अपनी पढ़ाई जारी रख सकें. आर्थिक तंगी की वजह से परिवार उनकी पढ़ाई न छुड़वाए.इस योजना के लिए भी ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है. आवेदन के दौरान मैट्रिक या इंटर की मार्कशीट, आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होते हैं. यदि आवेदन के बाद आपके खाते में राशि नहीं आती है, तो रजिस्ट्रेशन नंबर के माध्यम से आवेदन का स्टेटस चेक किया जा सकता है. इस योजना के लिए भी सरकार ने कुछ पात्रता शर्तें तय की हैं. आवेदन केवल वही छात्राएं कर सकती हैं, जो बिहार की स्थायी निवासी हों और जिन्होंने बिहार से ही अपनी पढ़ाई पूरी की हो.

मुख्यमंत्री मेधावृत्ति योजना
मुख्यमंत्री मेधावृत्ति योजना बिहार की अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग की मेधावी छात्राओं को आर्थिक सहायता देने के लिए शुरू की गई है. यह योजना उन छात्राओं के लिए है, जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पाती हैं. ऐसी छात्राओं को बिहार सरकार की ओर से सीधे आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि वे अपनी शिक्षा जारी रख सकें. इस योजना का उद्देश्य है कि बिहार का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे. योजना के तहत पात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाता है. यदि किसी आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में बेटी है, तो उसकी उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करती है. राशि सीधे बैंक खाते में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाती है.
इन दस्तावजों की है जरूरत
इस योजना का लाभ लेने के लिए भी ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. आवेदन के दौरान जाति प्रमाण पत्र, मार्कशीट, आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी अपलोड करनी होती है. आवेदन जमा होने के बाद उसकी रसीद अपने पास सुरक्षित रखनी चाहिए. आवेदन की स्थिति जानने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर की मदद से ऑनलाइन पोर्टल पर स्टेटस चेक किया जा सकता है.आवेदन करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है. आधार कार्ड का बैंक खाते से लिंक होना चाहिए. बैंक खाते में डीबीटी सुविधा सक्रिय होनी चाहिए. आवेदन में नाम, बैंक खाते की जानकारी, जन्म तिथि सहित सभी विवरण सही होने चाहिए. सभी दस्तावेज स्पष्ट और सही तरीके से अपलोड करने चाहिए.
यदि आप भी बिहार के छात्र हैं तो जरूर करे आवेदन
यदि आप भी बिहार की छात्रा हैं और आपका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, जिसकी वजह से आप अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पा रही हैं, तो इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकती हैं. अब आर्थिक तंगी की वजह से पढ़ाई छोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि सरकार ने बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ही इन योजनाओं की शुरुआत की है.

