पटना (PATNA) : केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने NEET पेपर मामले को लेकर विपक्ष और कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार इस मामले को लेकर संसद में बिल लाई और उसे पास भी कराया गया. इसके बाद कड़े कानून बनाए गए हैं ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके.
विपक्ष इस मामले को लेकर हाय-तौबा मचा रहा है
मांझी ने मोहन भागवत के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि बच्चे हमारे हैं और उनसे बातचीत करना हमारी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मामले को लेकर हाय-तौबा मचा रहा है. कांग्रेस को उन राज्यों में भी ऐसा कानून लाना चाहिए जहां उसकी सरकार है. साथ ही बच्चों के हित में काम करना चाहिए. जीतन राम मांझी ने आरोप लगाया कि विपक्ष सदन में केवल हल्ला कर रहा है और लोकतांत्रिक तरीके से चर्चा नहीं हो रही है. उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया.
PK किस तरह चुनाव लड़ते हैं यह उन्हें पता है
प्रशांत किशोर की पार्टी की चुनावी जीत पर भी मांझी ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि इसमें कोई बहुत बड़ी बात नहीं है. मांझी के मुताबिक जब उनकी बहू विधानसभा चुनाव लड़ रही थीं तब प्रशांत किशोर ने अपनी पार्टी के नेता को चुनाव मैदान में उतारा था. उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर किस तरह चुनाव लड़ते हैं यह उन्हें पता है. मांझी ने साथ ही माना कि चुनाव में आए नतीजों के पीछे उनके पक्ष में कोऑर्डिनेशन की कमी भी रही.
एनडीए के सभी घटक दलों ने समर्थन किया था
वहीं अनंत सिंह के बयान पर मांझी ने कहा कि वह उनका अपना बयान है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने खुद सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाए जाने का फैसला लिया था और एनडीए के सभी घटक दलों ने इसका समर्थन किया था.

