जदयू में नहीं है सबकुछ ठीक? नीरज कुमार ललन सिंह से भी नहीं लेंगे बधाई, पूछा अनंत सिंह की कैसी है तबीयत
जदयू की जीत के बाद एक तरफ कार्यकर्ताओं में हर्ष का माहौल है तो दूसरी तरफ पार्टी में सब कुछ ठीक तो बिल्कुल ही नहीं लग रहा.
जदयू की जीत के बाद एक तरफ कार्यकर्ताओं में हर्ष का माहौल है तो दूसरी तरफ पार्टी में सब कुछ ठीक तो बिल्कुल ही नहीं लग रहा.
पटना: बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव प्रक्रिया संपन्न हो गया और सबसे अधिक हॉट सीट पटना स्नातक सीट पर जदयू के नीरज कुमार ने जीत दर्ज की है. इस सीट पर जदयू की जीत के बाद एक तरफ कार्यकर्ताओं में हर्ष का माहौल है तो दूसरी तरफ पार्टी में सब कुछ ठीक तो बिल्कुल ही नहीं लग रहा. चुनाव परिणाम के बाद नीरज कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी और विजेंद्र यादव से मुलाकात की और आशीर्वाद लिया लेकिन उन्होंने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को लेकर बड़ा बयान दे दिया है.
मुझे पार्टी का मिला असीम सहयोग
मीडिया से बात करते हुए एमएलसी नीरज कुमार ने कहा कि मैने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से मुलाकात की. चुनाव के दौरान उन्होंने संगठन का जिस तरह से नेतृत्व किया वह काबिलेतारीफ है. दोनों उप मुख्यमंत्री से भी हमने मुलाकात कर आशीर्वाद लिया और यही आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है. मुझे कार्यकर्ताओं का असीम स्नेह मिला है और उनकी बदौलत ही हमने चुनाव जीता है. साथ ही नीतीश कुमार, निशांत का सहयोग मिला, वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह का आशीर्वाद मिला इसलिए इन सबसे मुलाकात करना मेरा दायित्व है. धर्म और अधर्म की लड़ाई में एनडीए मजबूती से खड़ी थी.
पूछा अनंत सिंह की तबीयत का हाल
इस दौरान उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के द्वारा विरोध किए जाने के सवाल पर कहा कि धन बल और बाहुबल की राजनीति नहीं चलेगी. जब तक नीरज कुमार जिंदा है दुनिया का कोई ताकत इस ताकत को झुका नहीं सकता है. हमारी जमानत जब्त करवाने वाले बताएं उनकी तबियत ठीक है कि नहीं. इनलोगों की बधाई लेने से तो पाप चढ़ेगा, इसीलिए हम राजनीति में हैं. हम मूल्यों की राजनीति करने वाले हैं, नीतीश कुमार जी के पथ का अनुसरण करते हैं. लोग कह रहा है कि हम बधाई नहीं देंगे तो ले कौन रहा है.
ललन सिंह से नहीं लेंगे बधाई और आशीर्वाद
इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से बधाई और आशीर्वाद लेने के सवाल पर कहा कि कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है. पूरे चुनावी प्रकरण में मेरा क्या गुनाह है? फिर भी चुनावी प्रक्रिया में मुझे क्यों परेशानी झेलनी पड़ी? मैने हमेशा बोला है कि मेरा माता पिता और पुरखों ने सीख दी है कि बेटा कोई कर्ज लेना तो वापस जरूर करना और मैं तो राजनीति के कर्ज को सूद समेत लौटाऊंगा. जिन्हें बधाई देना और आशीर्वाद देना है वह विभिन्न माध्यम से दे रहे हैं. मुझे तो कार्यकर्ताओं का असीम प्यार मिला है. इस दौरान उन्होंने अनंत सिंह के साथ सुलह करने के सवाल पर कहा कि मैने कभी कोशिश नहीं की और इसका पक्षधर भी नहीं रहा. मैने हमेशा पार्टी धर्म का पालन किया और कोई भी किसी भी चुनाव का इतिहास देख सकता है कि मेरे मतदान केंद्र पर एनडीए को सबसे अधिक वोट मिला है.