बिहार में 2 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, फरवरी 2027 में होगा बिजनेस कनेक्ट, उद्योगों के लिए 20 हजार एकड़ जमीन तैयार करेगी सरकार
बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 का आयोजन फरवरी में होगा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य को 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं.
पटना (PATNA): बिहार में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार बड़े स्तर पर तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 का आयोजन फरवरी 2027 में किया जाएगा. राज्य को अब तक करीब 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं. वहीं, सरकार फरवरी 2027 तक उद्योगों की स्थापना के लिए 20 हजार एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की तैयारी में जुटी है.
मुख्यमंत्री ने बुधवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित 'संवाद' सभागार में बिहार फाउंडेशन की नई वेबसाइट और बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 पोर्टल का शुभारंभ किया. इसी दौरान 'बिहार है तैयार' कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई. कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश-विदेश में सक्रिय बिहार फाउंडेशन के सभी 55 चैप्टरों के प्रतिनिधि शामिल हुए.
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रवासी बिहारियों से राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की. उन्होंने कहा कि भले ही बिहारियों की कर्मभूमि देश-दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में हो, लेकिन अपनी जन्मभूमि के विकास में योगदान देना भी उनकी जिम्मेदारी है. बिहार के गौरवशाली इतिहास और प्रतिष्ठा को फिर से स्थापित करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा.
मुख्यमंत्री ने प्रवासी बिहारियों को राज्य का ब्रांड एंबेसडर बताते हुए कहा कि उनके ज्ञान, कौशल, अनुभव और संसाधनों से बिहार के विकास को नई दिशा मिल सकती है. उन्होंने प्रवासी उद्यमियों और निवेशकों से बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 से जुड़ने तथा अपने-अपने देशों और क्षेत्रों के उद्योगपतियों को राज्य में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की.
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार फाउंडेशन का उद्देश्य देश-विदेश में रह रहे बिहार मूल के लोगों को अपनी मातृभूमि से जोड़ना और उनके अनुभव, ज्ञान, कौशल तथा संसाधनों का राज्य के विकास में उपयोग करना है. फाउंडेशन मुख्य रूप से बॉन्डिंग (जुड़ाव), ब्रांडिंग (पहचान) और बिजनेस (व्यापार एवं निवेश) के तीन स्तंभों पर काम कर रहा है. वर्तमान में इसके 55 चैप्टर सक्रिय हैं, जिनमें 31 अंतरराष्ट्रीय और 24 राष्ट्रीय चैप्टर शामिल हैं. आने वाले समय में इनकी संख्या बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है. बिहटा में ड्राई पोर्ट शुरू हो चुका है. वहीं, पटना, दरभंगा और गया से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं. नदियों में गाद की समस्या के समाधान और बेहतर प्रबंधन के लिए गाद नीति भी लाई गई है.
उन्होंने बताया कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई है. इसके साथ ही टाउनशिप विकसित करने, इको टूरिज्म को प्रोत्साहित करने और विभिन्न परियोजनाओं को पीपीपी मोड पर आगे बढ़ाने की योजना है. सरकार का लक्ष्य अगले कुछ महीनों में उद्योगों के लिए 20 हजार एकड़ जमीन उपलब्ध कराना है. राज्य को करीब 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं और निवेश को जमीन पर उतारने के लिए एमओयू की प्रक्रिया भी चल रही है.
बिहार के युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उद्योगों की जरूरत के अनुसार कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर सकती है. विदेशों में यदि उद्योगों को कुशल कामगारों की जरूरत होगी तो इसके लिए ज्वाइंट वेंचर की संभावनाएं तलाशी जाएंगी. इससे बिहार के युवाओं को देश और विदेश में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे.
उन्होंने बताया कि बिहार के मंत्रियों और अधिकारियों के विभिन्न देशों के दौरे की योजना बनाई जा रही है, ताकि वहां की आधुनिक तकनीक, निवेश और विकास के बेहतर अवसरों को राज्य से जोड़ा जा सके. इसके अलावा बिहार के डॉक्टरों को एक मंच पर लाने के लिए बिहारी डॉक्टरों का सेमिनार आयोजित करने की भी योजना है.
कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री एवं बिहार फाउंडेशन के सह-अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने भी संबोधित किया. उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने पौधा भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया. उन्होंने बिहार फाउंडेशन की गतिविधियों, उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी भी दी.
कार्यक्रम में अमेरिका, थाईलैंड, जापान, ऑस्ट्रेलिया, रूस, जर्मनी, घाना और युगांडा समेत कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए. प्रतिनिधियों ने बिहार में हो रहे बदलावों की सराहना करते हुए राज्य की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति में सहयोग देने का भरोसा जताया.