पटना (PATNA) : केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बांकीपुर के चुनावी नतीजों के बाद विपक्ष द्वारा मनाए जा रहे जश्न पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के जनादेश को वह पूरी विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं. उन्होंने कहा कि जनता ने जो फैसला दिया है वह उनके लिए सर्वोपरि है लेकिन यह समझ से परे है कि कांग्रेस और प्रशांत किशोर के समर्थक आखिर किस बात का जश्न मना रहे हैं.
विपक्ष की खुशी का कोई ठोस आधार नजर नहीं आता
गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस का अपना उम्मीदवार चुनाव मैदान में नहीं था जबकि उसके सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल तीसरे स्थान पर पहुंच गई. ऐसे में विपक्ष की खुशी का कोई ठोस आधार नजर नहीं आता. उन्होंने कहा कि किसी एक उपचुनाव या छोटे चुनावी नतीजे को देखकर यह मान लेना कि सरकार बदलने वाली है, सही नहीं होगा.
अंतिम फैसला हमेशा जनता बड़े चुनाव में करती है
उन्होंने 2009 के उपचुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय एनडीए को 17 में से 12 सीटों पर हार मिली थी. तब भी विपक्ष ने दावा किया था कि सरकार बदल जाएगी. लेकिन 2010 के विधानसभा चुनाव में जनता ने एनडीए को 202 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत देकर फिर सत्ता सौंपी. उनका कहना था कि अंतिम फैसला हमेशा जनता बड़े चुनाव में करती है.
बड़ी-बड़ी बातें करने का कोई औचित्य नहीं है
प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी ने विधानसभा की 243 में से 138 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत सकी. ऐसे में बड़ी-बड़ी बातें करने का कोई औचित्य नहीं है. उन्होंने कहा कि जनता ने जो संदेश दिया है उसे सभी को विनम्रता से स्वीकार करना चाहिए.
बिहार की जनता पुराने दौर में लौटना नहीं चाहती
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब पुराने दौर में लौटना नहीं चाहती. कांग्रेस के लंबे शासन और उसके बाद की स्थिति को लोग भूले नहीं हैं. आज राज्य में सड़क, बिजली और बुनियादी सुविधाओं में हुए बदलाव को जनता देख रही है. उन्होंने दावा किया कि आगे चलकर RJD और प्रशांत किशोर एक साथ आ सकते हैं, लेकिन जनता उन्हें स्वीकार नहीं करेगी.
आने वाले समय में फिर वही जनादेश मिलेगा
गिरिराज सिंह ने गोरखपुर उपचुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भाजपा हारने के बावजूद बाद में योगी आदित्यनाथ बड़ी जीत के साथ सत्ता में लौटे. उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार में भी जनता का भरोसा एनडीए पर बना रहेगा और आने वाले समय में फिर वही जनादेश मिलेगा.

