बिहार में खाद खरीदने का बदलेगा तरीका! 2 अक्टूबर से डिजिटल होगी उर्वरक बिक्री व्यवस्था, QR कोड से मिलेगी खाद
बिहार में किसानों को समय पर और निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल बिक्री व्यवस्था लागू की जा रही है. कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि 1 सितंबर से 19 जिलों और 2 अक्टूबर से पूरे बिहार में नई प्रणाली लागू होगी.
पटना (PATNA): राजधानी पटना स्थित कृषि भवन सभागार में ‘खेत बचाओ, गुणवत्तायुक्त बीज और खाद सुलभ कराओ’ विषय पर आयोजित एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य की नई उर्वरक बिक्री व्यवस्था की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि किसानों को सही समय पर गुणवत्तायुक्त खाद उपलब्ध कराना कृषि विभाग की प्रमुख प्राथमिकता है. इसके लिए वितरण और बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता के साथ प्रभावी निगरानी जरूरी है.
FSAS से डिजिटल होगी उर्वरक खरीद प्रक्रिया
कृषि विभाग उर्वरक बिक्री को डिजिटल और किसान-केंद्रित बनाने के लिए FSAS (Framework for Fertilizer Sale Application System) का उपयोग कर रहा है. इसे iFMS और AgriStack से जोड़कर खाद की खरीद-बिक्री की निगरानी बेहतर करने की योजना है. जिन किसानों की जमीन की जानकारी Farmer Registry में दर्ज है, उनका विवरण Farmer ID से प्राप्त किया जाएगा. अन्य किसान FSAS पर अपना पंजीकरण करा सकेंगे. किसान को संबंधित खेत का खाता-खेसरा नंबर, क्षेत्रफल और बोई गई फसल की जानकारी देनी होगी.किसान द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर ICAR की अनुशंसाओं के अनुसार आवश्यक उर्वरक की मात्रा तय की जाएगी. इसके बाद किसान को QR Code मिलेगा, जिसकी वैधता तीन दिनों की होगी. इस कोड के आधार पर निर्धारित अधिकृत विक्रेता से भुगतान करके खाद खरीदी जा सकेगी.
2 अक्टूबर से पूरे बिहार में लागू होगी व्यवस्था
नई प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट पहले वैशाली और शेखपुरा में शुरू किया गया था. इसके बाद इसे अन्य जिलों तक बढ़ाया गया. कृषि मंत्री के अनुसार 1 सितंबर से बिहार के 19 जिलों में डिजिटल उर्वरक बिक्री व्यवस्था लागू होगी, जबकि 2 अक्टूबर से इसे पूरे राज्य में लागू करने की तैयारी है.कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केवल ऑनलाइन आंकड़ों पर निर्भर रहने के बजाय बाजार और बिक्री केंद्रों का फील्ड निरीक्षण भी किया जाए. निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलने, खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी या अन्य गड़बड़ी सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाए.उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारियों से नई प्रणाली की व्यक्तिगत निगरानी करने और विक्रेताओं को पर्याप्त प्रशिक्षण देने को कहा. साथ ही किसानों को Farmer ID, FSAS पंजीकरण और QR Code प्रक्रिया समझाने के लिए सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
कृषि विभाग का लक्ष्य तकनीक के जरिए किसानों की परेशानी बढ़ाना नहीं, बल्कि खाद की उपलब्धता को सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है. नई व्यवस्था के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास होगा कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर समय से आवश्यक उर्वरक मिल सके.