बिहार में बाढ़ पर बड़ा प्लान! कोसी हाई डैम की DPR जल्द, नेपाल से आने वाले पानी पर कसेगी लगाम
बिहार में बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए हाई डैम परियोजना को आगे बढ़ाने की कवायद तेज है.मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि हाई डैम से जुड़ी प्रक्रिया में बिहार जल संसाधन विभाग के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. फरक्का और भारत-बांग्लादेश जल संधि को लेकर भी बिहार ने केंद्र के सामने अपनी चिंताएं रखी हैं.
पटना (PATNA): बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या से दीर्घकालिक राहत के लिए हाई डैम परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है. जल संसाधन विभाग से जुड़े इस मुद्दे पर बिहार सरकार का कहना है कि नेपाल से आने वाली नदियों के पानी को नियंत्रित करने और बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए हाई डैम महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. प्रस्तावित कोसी हाई डैम की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को जल्द पूरा करने के लिए केंद्र स्तर पर भी पहल तेज हुई है.
हाई डैम की प्रक्रिया में बिहार की भागीदारी
बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी के मुताबिक हाई डैम से संबंधित प्रक्रिया में राज्य के जल संसाधन विभाग के प्रतिनिधियों की भी भागीदारी होगी. बिहार सरकार चाहती है कि परियोजना से जुड़े तकनीकी और जल प्रबंधन संबंधी फैसलों में राज्य की जरूरतों को प्राथमिकता मिले. राज्य का तर्क है कि बाढ़ का स्थायी समाधान केवल तटबंधों और तत्काल राहत उपायों तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि नदी बेसिन स्तर पर दीर्घकालिक व्यवस्था जरूरी है. केंद्र सरकार के स्तर पर भी प्रस्तावित कोसी हाई डैम की DPR को जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया है. हाल में बिहार से जुड़े प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक में भारत-नेपाल जल परियोजनाओं समेत कई विषयों पर चर्चा हुई.
फरक्का और भारत-बांग्लादेश जल संधि पर बिहार की चिंता
विजय चौधरी ने भारत-बांग्लादेश गंगा जल बंटवारा समझौते और फरक्का बैराज से जुड़े मुद्दे पर भी बिहार का पक्ष सामने रखा. मौजूदा गंगा जल बंटवारा संधि 2026 में अपनी अवधि पूरी कर रही है और इसके भविष्य को लेकर चर्चा तेज है. बिहार में गंगा में गाद और जल प्रवाह जैसे मुद्दों को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जाती रही है. चौधरी के अनुसार केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के समक्ष बिहार की चिंताओं को रखा गया है. राज्य सरकार को उम्मीद है कि संधि के नवीनीकरण या भविष्य की व्यवस्था पर फैसला करते समय बिहार के हितों और नदी से जुड़ी समस्याओं को ध्यान में रखा जाएगा.
बिहार सरकार की कोशिश अब बाढ़ प्रबंधन को तात्कालिक उपायों से आगे ले जाकर दीर्घकालिक समाधान की दिशा में बढ़ाने की है. हाई डैम परियोजना को इसी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है.