पटना (BIHAR) :बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कहा कि इस फैसले का उद्देश्य छात्रों के बीच बनी भ्रम की स्थिति को समाप्त करना है. उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस्तीफा दिया है. इसके पीछे कोई अन्य कारण नहीं है.
दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि हाल के आंदोलन के दौरान कुछ लोगों ने कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की. ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.
सरकार सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है
शिक्षा मंत्री ने पेपर लीक के मामलों पर भी कड़ा रुख अपनाने की बात कही. उन्होंने कहा कि सरकार बहुत सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है. जो भी लोग पेपर लीक जैसी घटनाओं में शामिल पाए जाएंगे उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके.
हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए
वहीं, इस पूरे मामले पर पूर्व आईपीएस अधिकारी और भाजपा विधायक आनंद मिश्रा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. यह छात्रों की मांग और उनकी भावनाओं का सम्मान करने का फैसला है.

इस्तीफा राजनीतिक जीत या हार का विषय नहीं
आनंद मिश्रा ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण काम किए हैं. उनका इस्तीफा किसी राजनीतिक जीत या हार का विषय नहीं है. उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात छात्रों का हित है और सरकार उसी दिशा में काम कर रही है.
उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने तथा पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार प्रभावी कदम उठाएगी. साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से छात्रों का भरोसा भी मजबूत होगा.

