बिहार में कारोबार करना होगा आसान! EoDB और Deregulation सुधारों की हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

बिहार में कारोबार और निवेश को आसान बनाने के लिए EoDB और Deregulation 1.0 व 2.0 के तहत किए जा रहे सुधारों की समीक्षा की गई. भवन निर्माण, लाइसेंस, भूमि और डिजिटल सेवाओं को सरल बनाने पर जोर दिया गया.

बिहार में कारोबार करना होगा आसान! EoDB और Deregulation सुधारों की हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

पटना (PATNA): बिहार में कारोबार और निवेश को आसान बनाने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे सुधार को लेकर बुधवार को उच्चस्तरीय बैठक में समीक्षा की गई. बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव के.के. पाठक और बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की. बैठक में Ease of Doing Business (EoDB) के साथ Deregulation 1.0 और 2.0 के तहत चल रहे सुधारों की प्रगति पर चर्चा हुई. अधिकारियों ने केंद्र और राज्य के बीच तय प्राथमिकताओं और अब तक किए गए काम की जानकारी दी. सरकार का फोकस नियमों को आसान बनाने और उद्योग व व्यापार के लिए बेहतर माहौल तैयार करने पर है.

बैठक में बिहार बिल्डिंग बाय-लॉज 2026 और EoDB विधेयक 2026 को लेकर भी चर्चा हुई. नए भवन नियमों के तहत कम जोखिम वाले भवनों के लिए स्व-प्रमाणन और मध्यम जोखिम वाले भवनों के लिए थर्ड पार्टी निरीक्षण की व्यवस्था प्रस्तावित है. वहीं EoDB विधेयक को बिहार विधानमंडल ने 23 जुलाई 2026 को मंजूरी दी है. इसके तहत उद्योगों को दोहरे लाइसेंस से राहत, MSME को स्व-घोषणा के आधार पर मंजूरी और कुछ निरीक्षणों से सुरक्षा देने का प्रावधान है. सरकार ने भूमि उपयोग परिवर्तन यानी CLU की जरूरत खत्म करने, बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया आसान करने और निजी स्कूलों के लिए न्यूनतम भूमि की बाध्यता हटाने जैसे सुधारों पर भी काम किया है.

सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए भी कदम उठाए हैं. बिहार सरकार के नियमों, कानूनों और आदेशों के लिए केंद्रीकृत डिजिटल पोर्टल 19 जून 2026 से शुरू है, जिस पर अब तक 2 हजार से ज्यादा दस्तावेज अपलोड किए जा चुके हैं. RTPS के तहत ऑटो-अपील सिस्टम भी 23 जून से लागू है. स्वास्थ्य क्षेत्र में Unified Health Licensing Portal बनाने की तैयारी है, जबकि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन नीति 2026 को सरल बनाया गया है. बैठक में संबंधित विभागों को जल्द जरूरी अधिसूचनाएं जारी करने और अग्निशमन नियमों में बदलाव के निर्देश दिए गए. इसके साथ ही थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेंसियों की नियुक्ति पर भी जल्द फैसला लेने को कहा गया.