बिहार में लंबी है भ्रष्ट सरकारी कर्मियों की फेहरिस्त, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर के ठिकानों से मिले करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज
बिहार में भ्रष्ट सरकारी कर्मियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई जारी है. एक बार फिर एक एक्जीक्यूटिव इंजीनियर के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई जिसमें करीब 3 लाख रुपए नकद और करोड़ों की प्रॉपर्टी के कागजात मिले हैं.
पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शासन काल के दौरान कहा था कि हम भ्रष्टाचार से कभी समझौता नहीं करेंगे. उनके बाद नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उस वादे को दोहराया और आए दिन बिहार में भ्रष्ट सरकारी कर्मियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई जारी है. इसी कड़ी में गुरुवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक भ्रष्ट इंजीनियर के बिहार में 3 और पश्चिम बंगाल के एक ठिकाने पर छापेमारी की. छापेमारी में लाखों रुपए नकद और जेवरात के साथ ही जमीन से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं. जानकारी के अनुसार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने ग्रामीण विकास विभाग के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर चंद्रशेखर सिंह के पटना, कटिहार, सारण तथा पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में स्थित ठिकानो पर एक साथ छापेमारी के लिए पहुंची.
छापेमारी के दौरान एक्सिक्यूटिव इंजीनियर के ठिकानों से 3.20 लाख रुपए नकद, जमीन जायदाद से जुड़े दस्तावेज, आभूषण और निवेश के कागजात मिले हैं. फिलहाल निगरानी की टीम बरामद चीजों की छानबीन में जुट गई है. जांच में सामने आया कि लगभग 31 कट्ठा जमीन पश्चिम बंगाल के फनसीदेवा थाना इलाके में चंद्रशेखर सिंह की पत्नी श्वेता कुमारी के नाम पर साल 2021 में खरीदी गई. यह जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग के नजदीक है. निगरानी के अनुसार, इसकी बाजार कीमत करोड़ों रुपये होने की जानकारी मिली है, लेकिन वास्तविक कीमत का सत्यापन किया जाना बाकी है. जांच में यह भी सामने आया है कि साल 2025-26 में विभाग को सौंपी गई परिसंपत्ति विवरणी में इस जमीन का उल्लेख नहीं किया गया था. बता दें कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक्जिक्यूट इंजीनियरिंग के विरुद्ध करीब 1.10 करोड़ रूपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया है और छानबीन जारी है.