2005 के बाद कितना बदला बिहार? संजय झा ने जेडीयू विधायकों और विधान पार्षदों के सामने रखा पूरा लेखा-जोखा

पटना में जेडीयू की विधानमंडल दल की बैठक के बाद राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बिहार की आर्थिक प्रगति और पार्टी नेताओं की मौजूदगी को लेकर जानकारी दी. उन्होंने ललन सिंह की गैरमौजूदगी पर भी स्थिति स्पष्ट की.

2005 के बाद कितना बदला बिहार? संजय झा ने जेडीयू विधायकों और विधान पार्षदों के सामने रखा पूरा लेखा-जोखा

पटना (PATNA): जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने पटना स्थित पार्टी कार्यालय में हुई बैठक के बाद कई मुद्दों पर अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि बैठक में पार्टी के विधायक और विधान पार्षद शामिल हुए. इस दौरान बिहार की आर्थिक स्थिति, पिछले वर्षों में हुए बदलाव और उन क्षेत्रों पर चर्चा की गई, जहां अभी सुधार की जरूरत है.

2005 से पहले और अब की आर्थिक स्थिति पर हुई चर्चा

संजय झा के मुताबिक, बैठक के दौरान बिहार की अर्थव्यवस्था को लेकर विस्तार से जानकारी साझा की गई. इसमें खास तौर पर 2005 से पहले राज्य की आर्थिक स्थिति और उसके बाद हुए बदलावों पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि बैठक में यह बताया गया कि बिहार की अर्थव्यवस्था ने किस तरह विकास किया है और वर्तमान समय में राज्य कहां खड़ा है. इसके साथ ही उन क्षेत्रों की भी पहचान की गई, जहां अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है और आगे अधिक काम करने की आवश्यकता है.संजय झा ने बताया कि पार्टी के सभी विधायक और विधान पार्षद बैठक के लिए पार्टी कार्यालय पहुंचे थे. बैठक का मुख्य फोकस राज्य की आर्थिक स्थिति और विकास से जुड़े विषयों पर रहा. पार्टी नेताओं के सामने बिहार की आर्थिक यात्रा और मौजूदा स्थिति से संबंधित जानकारी रखी गई.

ललन सिंह की गैरमौजूदगी पर संजय झा ने दी सफाई

बैठक में केंद्रीय मंत्री और जेडीयू नेता ललन सिंह के शामिल नहीं होने से जुड़े सवाल पर संजय झा ने कहा कि यह विधानमंडल दल की बैठक थी. इसमें सांसदों को बुलाया ही नहीं गया था. ऐसे में ललन सिंह की गैरमौजूदगी को लेकर किसी तरह की अलग व्याख्या नहीं की जानी चाहिए. संजय झा ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी ललन सिंह से बातचीत हो रही है. उन्होंने बताया कि एक दिन पहले शाम को भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई थी. संजय झा के बयान के मुताबिक, पटना में हुई बैठक मुख्य रूप से जेडीयू के विधायकों और विधान पार्षदों के लिए आयोजित की गई थी. बैठक में संगठनात्मक प्रतिनिधियों के साथ बिहार की आर्थिक प्रगति, पिछले वर्षों में आए बदलाव और भविष्य में सुधार की जरूरत वाले क्षेत्रों पर चर्चा की गई.