पटना में प्रॉपर्टी टैक्स भरने की डेडलाइन नजदीक, 30 सितंबर के बाद हर महीने लगेगा ब्याज

पटना नगर निगम क्षेत्र के संपत्तिधारकों के लिए 30 सितंबर 2026 तक संपत्ति कर जमा करना जरूरी है. इसके बाद बकाया टैक्स पर हर महीने 1.5 प्रतिशत ब्याज लग सकता है.

पटना में प्रॉपर्टी टैक्स भरने की डेडलाइन नजदीक, 30 सितंबर के बाद हर महीने लगेगा ब्याज

पटना (PATNA):  पटना नगर निगम क्षेत्र में मकान, जमीन या दूसरी संपत्ति रखने वाले लोगों के लिए संपत्ति कर जमा करने की समय सीमा नजदीक आ गई है. चालू वित्तीय वर्ष का प्रॉपर्टी टैक्स 30 सितंबर 2026 तक जमा किया जा सकता है. इसके बाद बकाया रखने वाले संपत्तिधारकों पर अक्टूबर से हर महीने 1.5 प्रतिशत ब्याज लगाया जा सकता है.

जुलाई से सितंबर तक भुगतान पर नहीं मिलती छूट

बिहार नगरपालिका संपत्ति कर नियमावली 2013 के तहत वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में टैक्स जमा करने पर राहत का प्रावधान है. अप्रैल से जून के बीच पूरे साल का संपत्ति कर एकमुश्त चुकाने वाले लोगों को मूल कर पर 5 प्रतिशत की छूट मिलती है. जुलाई से सितंबर के बीच यह छूट उपलब्ध नहीं होती, लेकिन इस दौरान भुगतान करने पर अक्टूबर से लगने वाले ब्याज से बचा जा सकता है.

अक्टूबर से बकायेदारों की बढ़ सकती है परेशानी

30 सितंबर तक संपत्ति कर नहीं चुकाने वाले लोगों को इसके बाद डिफाल्टर की श्रेणी में रखा जा सकता है. बकाया मूल कर पर प्रति माह 1.5 प्रतिशत की दर से ब्याज जुड़ने के कारण देनदारी लगातार बढ़ सकती है. लंबे समय तक टैक्स बकाया रखने पर मामला केवल ब्याज तक सीमित नहीं रह सकता. बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 में बकाया कर की वसूली के लिए संपत्ति की कुर्की और बिक्री समेत अन्य कानूनी कार्रवाई के प्रावधान हैं.

1.51 लाख से ज्यादा संपत्तिधारकों ने भरा टैक्स

पटना नगर निगम क्षेत्र में करीब 3.10 लाख संपत्तियों का स्व कर निर्धारण किया जा चुका है. चालू वित्तीय वर्ष में 9 सितंबर तक 1,51,331 संपत्तिधारकों ने टैक्स जमा किया, जिससे निगम को 61.19 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ.पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में 1,46,603 लोगों से 49.89 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था. यानी इस बार टैक्स कलेक्शन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई है.

पहली तिमाही में 1.24 लाख लोगों ने उठाया छूट का लाभ

अप्रैल से जून के दौरान 1,24,641 संपत्तिधारकों ने टैक्स जमा कर 5 प्रतिशत छूट का लाभ लिया. पूरे वित्तीय वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2023-24 में निगम को 104 करोड़, 2024-25 में 114 करोड़ और 2025-26 में 125 करोड़ रुपये का संपत्ति कर मिला था.

30 सितंबर से पहले भुगतान करना फायदेमंद

जिन संपत्तिधारकों का चालू वित्तीय वर्ष का टैक्स अभी बाकी है, उनके लिए 30 सितंबर महत्वपूर्ण तारीख है. समय सीमा के भीतर भुगतान करने से अक्टूबर से लगने वाले मासिक ब्याज और आगे संभावित वसूली कार्रवाई से बचा जा सकता है. नगर निगम भी लोगों से अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना संपत्ति कर जमा करने की अपील कर रहा है.