पटना में देश का पहला पीड़ित अधिकार केंद्र शुरू, CJI सूर्यकांत ने किया उद्घाटन

पटना में CJI जस्टिस सूर्यकांत ने देश के पहले पीड़ित अधिकार केंद्र का उद्घाटन किया. केंद्र अपराध पीड़ितों को कानूनी सहायता, मुआवजा और अन्य जरूरी सेवाओं तक एक ही जगह से पहुंच दिलाने की दिशा में काम करेगा

पटना में देश का पहला पीड़ित अधिकार केंद्र शुरू, CJI सूर्यकांत ने किया उद्घाटन

पटना (PATNA): अपराध से प्रभावित लोगों को न्याय और कानूनी सहायता तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने की दिशा में बिहार की राजधानी पटना में एक नई पहल की शुरुआत हुई. भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (BSLSA) परिसर में देश के पहले पीड़ित अधिकार केंद्र (Victim Rights Centre) का उद्घाटन किया. यह केंद्र अपराध पीड़ितों के लिए सिंगल-विंडो व्यवस्था के रूप में काम करेगा.

एक ही जगह पर सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश

अपराध का शिकार होने के बाद पीड़ितों को कई तरह की प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है. उन्हें पुलिस स्टेशन, अस्पताल, अदालत और अलग-अलग सरकारी विभागों से संपर्क करना पड़ सकता है. नई व्यवस्था का उद्देश्य पीड़ितों को अलग-अलग संस्थानों के चक्कर लगाने की परेशानी कम करते हुए उपलब्ध कानूनी अधिकारों और सेवाओं तक पहुंच आसान बनाना है. केंद्र प्रत्येक मामले का एकीकृत रिकॉर्ड रखेगा और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय करेगा.

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में स्थापित हुआ केंद्र

पीड़ित अधिकार केंद्र को विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के तहत एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में स्थापित किया गया है. यह परियोजना शुरुआत में पटना जिले में 12 महीने तक संचालित की जानी है. मूल्यांकन के बाद मॉडल को दूसरे जिलों तक विस्तारित करने का प्रस्ताव है.

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023, बिहार पीड़ित मुआवजा योजना, 2014 और संबंधित कानूनों के तहत अपराध पीड़ितों के लिए कई अधिकार और सुविधाएं उपलब्ध हैं. इनमें आपातकालीन चिकित्सा उपचार, कानूनी सहायता, FIR की प्रति, जमानत की कार्यवाही में भागीदारी और मुआवजे जैसे प्रावधान शामिल हैं. नया केंद्र इन उपलब्ध अधिकारों और सेवाओं तक पीड़ितों की पहुंच सुनिश्चित करने में समन्वय की भूमिका निभाएगा.

ट्रांसजेंडर हेल्पलाइन की भी शुरुआत

कार्यक्रम के दौरान CJI जस्टिस सूर्यकांत ने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए समर्पित हेल्पलाइन भी शुरू की. यह व्यवस्था पहचान प्रमाणपत्र सहित स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच में सहायता के उद्देश्य से शुरू की गई है. इसके अलावा बहुउपयोगी वाहनों के बेड़े को हरी झंडी दिखाई गई और पीड़ित अधिकार केंद्र से संबंधित एक प्रकाशन भी जारी किया गया.

पीड़ितों के लिए बनेगा सिंगल पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट

पीड़ित अधिकार केंद्र का प्रमुख उद्देश्य पीड़ित को सहायता के लिए एक केंद्रीय संपर्क व्यवस्था उपलब्ध कराना है. पुलिस, अस्पताल, वन स्टॉप सेंटर, सरकारी विभागों और अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय के जरिए मामलों को आगे बढ़ाया जाएगा. राहत मिलने और उसकी पुष्टि होने या पीड़ित द्वारा लिखित रूप से मामला बंद करने का अनुरोध किए जाने तक केस पर निगरानी रखने की व्यवस्था है.