बिहार में कंप्यूटर शिक्षक पढ़ाएंगे विज्ञान, स्कूलों में नई जिम्मेदारी पर उठे सवाल

बिहार के सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर विज्ञान में नामांकन नहीं होने पर कंप्यूटर शिक्षक अब सामान्य विज्ञान, फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ पढ़ा सकते हैं. साथ ही उन्हें स्कूलों के डिजिटल और तकनीकी कार्यों में भी सहयोग देना होगा.

बिहार में कंप्यूटर शिक्षक पढ़ाएंगे विज्ञान, स्कूलों में नई जिम्मेदारी पर उठे सवाल

पटना (PATNA): बिहार के सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षकों की जिम्मेदारियों को लेकर एक नया निर्देश चर्चा में है. पटना जिले के ऐसे विद्यालय, जहां कंप्यूटर विज्ञान विषय में किसी भी विद्यार्थी ने नामांकन नहीं कराया है, वहां तैनात कंप्यूटर शिक्षकों की सेवाएं अब दूसरे विषयों की पढ़ाई में ली जाएंगी. इस व्यवस्था का उद्देश्य उपलब्ध शिक्षकों का उपयोग स्कूलों की शैक्षणिक जरूरतों के अनुसार करना है. हालांकि इस फैसले के बाद शिक्षकों की विशेषज्ञता और उनके कार्यक्षेत्र को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं.

कक्षा 9 और 10 में पढ़ाना होगा सामान्य विज्ञान

नई व्यवस्था के तहत जिन स्कूलों में कंप्यूटर विज्ञान में विद्यार्थियों की संख्या शून्य है, वहां कंप्यूटर शिक्षक नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को सामान्य विज्ञान पढ़ा सकते हैं. स्कूल प्रशासन जरूरत के अनुसार उनकी सेवाएं इन कक्षाओं में ले सकेगा. इस फैसले के बाद सवाल उठ रहा है कि विशेष रूप से कंप्यूटर शिक्षा के लिए नियुक्त शिक्षक को दूसरे विषय पढ़ाने की जिम्मेदारी देना कितना व्यावहारिक होगा.विज्ञान के अलग-अलग विषयों को प्रभावी ढंग से पढ़ाने के लिए संबंधित विषय की मजबूत शैक्षणिक समझ भी जरूरी होती है.

11वीं-12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ की जिम्मेदारी

उच्च माध्यमिक कक्षाओं में कंप्यूटर शिक्षकों की भूमिका और व्यापक हो सकती है.जरूरत पड़ने पर उनसे 11वीं और 12वीं में भौतिकी, रसायन विज्ञान या गणित की कक्षाएं संचालित कराई जा सकती हैं. ऐसे में यह मुद्दा महत्वपूर्ण हो जाता है कि संबंधित कंप्यूटर शिक्षक की शैक्षणिक योग्यता और विषयगत दक्षता को जिम्मेदारी तय करते समय कितना महत्व दिया जाएगा.

डिजिल कार्यों में भी देना होगा तकनीकी सहयोग

कंप्यूटर शिक्षक केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रहेंगे. स्कूलों में यू-डायस प्लस, ई-शिक्षाकोष और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े कामों में भी उनसे तकनीकी सहयोग लिया जाएगा. वे जरूरत पड़ने पर दूसरे शिक्षकों को ऑनलाइन और तकनीकी कार्यों के संबंध में सहायता एवं प्रशिक्षण भी देंगे.जिन विद्यालयों में आईसीटी अनुदेशक उपलब्ध नहीं हैं, वहां कंप्यूटर लैब, डिजिटल उपकरणों और संबंधित संसाधनों के संचालन तथा देखरेख में भी कंप्यूटर शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी.बढ़ती जिम्मेदारियों के बीच वेतन और अधिकारों का सवाल 

कंप्यूटर शिक्षकों को पढ़ाई के साथ तकनीकी और प्रशासनिक जिम्मेदारियां मिलने से उनके कार्यक्षेत्र का विस्तार हो रहा है. इसी के साथ शिक्षकों के बीच वेतन, सेवा शर्तों और अधिकारों से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में बने हुए हैं.अब बड़ा सवाल यह है कि यदि शिक्षकों से उनकी मूल नियुक्ति से अलग अतिरिक्त जिम्मेदारियां ली जाती हैं, तो क्या उनकी योग्यता, प्रशिक्षण, कार्यभार और सेवा संबंधी मांगों पर भी उसी गंभीरता से विचार किया जाएगा?