पटना में पप्पू यादव के काफिले के पास हंगामा, सरकारी कर्मी ने समर्थकों पर लगाया मारपीट का आरोप

पटना के गर्दनीबाग में सांसद पप्पू यादव के काफिले के पास सरकारी कर्मचारी अरविंद कुमार के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है. पीड़ित ने सांसद के समर्थकों पर हमला करने का आरोप लगाया है, जबकि दूसरे पक्ष ने गाड़ी का शीशा तोड़ने का दावा किया है.

पटना में पप्पू यादव के काफिले के पास हंगामा, सरकारी कर्मी ने समर्थकों पर लगाया मारपीट का आरोप

पटना (PATNA): राजधानी पटना के गर्दनीबाग इलाके में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के काफिले के पास एक सरकारी कर्मचारी के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है. पीड़ित अरविंद कुमार ने आरोप लगाया है कि सांसद के काफिले के साथ मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ बीच सड़क पर मारपीट की, जिससे उनके सिर में चोट आई. वहीं दूसरे पक्ष का दावा है कि विवाद की शुरुआत गाड़ी का शीशा तोड़े जाने के बाद हुई.

गर्दनीबाग धरना स्थल के पास हुआ विवाद

अरविंद कुमार के अनुसार, वह अनुसूचित जाति एवं जनजाति विभाग में वेलफेयर ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं. उनका कहना है कि गर्दनीबाग धरना स्थल के पास सांसद पप्पू यादव अपने काफिले के साथ पहुंचे थे. वाहनों और समर्थकों की मौजूदगी के कारण सड़क पर भीड़ की स्थिति बन गई थी. अरविंद का आरोप है कि भीड़ से निकलने की कोशिश के दौरान वह काफिले के बीच फंस गए. इसी दौरान काले रंग की एक स्कॉर्पियो को आगे बढ़ाने को लेकर विवाद शुरू हो गया.

समर्थकों पर मारपीट करने का आरोप

पीड़ित का दावा है कि गाड़ी में मौजूद एक व्यक्ति बाहर निकला और उनसे बहस करने लगा. आरोप के मुताबिक, इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई. अरविंद का कहना है कि हमले में उनके सिर पर चोट लगी और वह लहूलुहान हो गए. उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना के समय सांसद पप्पू यादव मौके पर मौजूद थे. पीड़ित के मुताबिक, उन्होंने सांसद के पास जाकर घटना की शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक आश्वासन नहीं मिला.

गर्दनीबाग थाने पहुंचा मामला

घटना के बाद अरविंद कुमार गर्दनीबाग थाने पहुंचे. उनके अनुसार, पुलिस ने उन्हें मेडिकल जांच के लिए भेजा और वह आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत देने की प्रक्रिया में हैं. दूसरी तरफ, पप्पू यादव के समर्थकों की ओर से अलग दावा किया गया है. उनका कहना है कि संबंधित व्यक्ति ने पहले उनकी गाड़ी का शीशा तोड़ा था, जिसके बाद विवाद बढ़ा. घटना में किस पक्ष की क्या भूमिका रही, यह पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगा.