बिहार में पर्यावरण संतुलन पर सीएम सम्राट का बड़ा ऐलान! हरित आवरण 6% से बढ़कर 15% हुआ

बिहार में पर्यावरण संतुलन के साथ विकास को तेजी से रफ्तार मिल रही है. जल संरक्षण, वृक्षारोपण, नदियों के पुनर्जीवन और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है. बिहार का हरित आवरण क्षेत्र 6 प्रतिशत से बढ़कर 15 प्रतिशत कर दिया है. बिहार में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी काम कर रही है.

बिहार में पर्यावरण संतुलन पर सीएम सम्राट का बड़ा ऐलान! हरित आवरण 6% से बढ़कर 15% हुआ

पटना (PATNA): बिहार में पर्यावरण संतुलन के साथ विकास को तेजी से रफ्तार मिल रही है. ऐसे में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है. जल संरक्षण, वृक्षारोपण, नदियों के पुनर्जीवन और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है. ऐसे में सीएम सम्राट चौधरी ने बिहार का हरित आवरण क्षेत्र 6 प्रतिशत से बढ़कर 15 प्रतिशत कर दिया है जबकि सिंचित भूमि का क्षेत्रफल 21 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 44 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है.

दरअसल, सीएम सम्राट चौधरी शनिवार को पटना स्थित लोक सेवक आवास के ‘नेक संवाद’ में नेपाल के जनकपुर धाम से उत्तराखंड के देहरादून तक साइकिल यात्रा करने वाले दल से मुलाकात कर रहे थे. ‘प्रकृति ही प्रभु है’ थीम पर निकाली गई इस यात्रा का उद्देश्य जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्द्धन, नदियों के पुनर्जीवन और पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता का संदेश लोगों तक पहुंचाना है.

ऐसे में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सरकार स्थायी योजनाओं पर काम कर रही है. इस वर्ष कम वर्षापात के बावजूद नेपाल से आने वाले पानी के कारण राज्य में बाढ़ की स्थिति बनी. गंडक, कोसी और गंगा नदियों के पानी का व्यवस्थित प्रबंधन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है.

इसके साथ ही सम्राट चौधरी ने बिहार में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी योजनाबद्ध तरीके से काम करने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि बिहार में ग्रामीण सड़कों, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है. साथ ही, ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 1 करोड़ 81 लाख महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ी हैं और 50 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की दिशा में काम हुआ है. इसके अलावा 60 लाख पशु सखी तैयार करने की योजना है. सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक बिहार की सभी महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए.