सीएम सम्राट ने UPYOG पोर्टल का किया शुभारंभ, लोगों को आसानी से मिलेंगी शहरी सेवाएं

UPYOG पोर्टल का उद्देश्य नागरिकों को शहरी सेवायें आसानी से पारदर्शी और तेज तरीके से ऑनलाइन उपलब्ध कराना है. नगर विकास एवं आवास विभाग एकीकृत ई-गवर्नेस पोर्टल के माध्यम से सभी शहरी सेवाओं को ऑनलाईन कर रहा है.

सीएम सम्राट ने UPYOG पोर्टल का किया शुभारंभ, लोगों को आसानी से मिलेंगी शहरी सेवाएं

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन के अंतर्गत राज्य के सभी नगर निकायों के लिए विकसित किए जा रहे UPYOG पोर्टल का शुभारम्भ किया. इस अवसर पर पोर्टल की कार्यप्रणाली पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई तथा मुख्यमंत्री के समक्ष पोर्टल का लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी किया गया. कार्यक्रम में नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव ने UPYOG पोर्टल के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. UPYOG पोर्टल के माध्यम से शहरी सेवाओं को डिजिटल, सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है.

प्रथम चरण में पोर्टल के 19 में से 10 मॉड्यूल की शुरुआत की गई है. इनमें विज्ञापन प्रबंधन, ट्रेड लाइसेंस, जल एवं सीवरेज कनेक्शन प्रबंधन, परिसंपत्ति प्रबंधन, वाहन बेड़ा प्रबंधन, नगरपालिका लेखा एवं वित्त प्रबंधन, भवन नक्शा  स्वीकृति, विधि मॉड्यूल, सामग्री प्रबंधन तथा लेक शिकायत निवारण जैसी समस्याओं का समाधान होगा। इस पोर्टल को राज्य के 264 शहरी स्थानीय निकायों में लागू करने की योजना है. इसके माध्यम से नागरिकों को विभिन्न शहरी सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने तथा डिजिटल प्रमाणपत्र प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध होगी. भवन निर्माण की अनुमति के लिए आवेदन एवं स्वीकृति की प्रक्रिया भी ऑनलाइन की जाएगी. इससे नागरिकों को सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में सहूलियत होगी तथा सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी.

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में नगर विकास एवं आवास विभाग तथा नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनबीसीसी) के बीच विभिन्न विकास परियोजनाओं के संबंध में समझौता ज्ञापन (MoU) का हस्तांतरण किया गया. पहली परियोजना के तहत पटना में टीवी टावर के निकट बिहार राज्य आवास बोर्ड के सेक्टर-5 स्थित लगभग 8.5 एकड़ भूमि पर वित्तपोषित आवासीय परियोजना विकसित करने की योजना है. इसके अतिरिक्त, गर्दनीबाग में टेक पार्क के निर्माण एवं विकास के लिए सूचना प्रावैधिकी विभाग तथा एनबीसीसी के बीच समझौता ज्ञापन का हस्तांतरण किया गया. जल संसाधन विभाग एवं एनबीसीसी के बीच भी समझौता ज्ञापन किया गया। इसके तहत निरीक्षण भवनों (आईबी) को नया टावर के रूप में विकसित किया जायेगा। इन परियोजनाओं के माध्यम से शहरी आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने, आधुनिक सुविधाओं का विकास करने तथा राज्य में निवेश एवं राजस्व सृजन की संभावनाओं को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार के लिए महत्वपूर्ण दिन है. UPYOG पोर्टल के शुभारम्भ तथा बिहार सरकार और एनबीसीसी के बीच हुए समझौतों से राज्य में शहरी विकास एवं आधारभूत संरचना के विस्तार को नई गति मिलेगी. उन्होंने कहा कि UPYOG पोर्टल नगर विकास एवं आवास विभाग की कार्यप्रणाली को रूपांतरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. इसके माध्यम से नागरिकों को शहरी सेवाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी और सुविधाएं उपलब्ध होंगी. प्रथम चरण में UPYOG पोर्टल के 10 मॉड्यूल शुरू किए गए हैं. भवन निर्माण के नक्शे की स्वीकृति, वाहनों के प्रबंधन तथा अन्य शहरी सेवाओं से संबंधित सुविधाओं को डिजिटल माध्यम से लोगों को सुविधायें उपलब्ध होंगी.

उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के लागू होने से नागरिकों को सेवाओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी. प्रक्रियाएं सरल होंगी तथा कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी. तकनीक के प्रभावी उपयोग से शहरी सेवाओं को अधिक सशक्त, सरल एवं नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाया जा सकेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 264 शहरी स्थानीय निकायों में इस पोर्टल को लागू किया गया है. इससे नगर निकायों की कार्यप्रणाली में सुधार होगा तथा शहरी विकास से संबंधित योजनाओं एवं सेवाओं के क्रियान्वयन को गति मिलेगी. मुख्यमंत्री ने एनबीसीसी के साथ हुए समझौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार में शहरी आधारभूत संरचना को आधुनिक स्वरूप देने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर काम किया जाएगा.

आवासीय परियोजना के साथ-साथ गर्दनीबाग में अत्याधुनिक आईटी हब विकसित करने की योजना है. इसके अतिरिक्त जल संसाधन विभाग के निरीक्षण भवनों (आईबी) को नया टावर के रूप में विकसित किया जायेगा. उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से राज्य में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा तथा सरकार के राजस्व की प्राप्ति होगी. इससे बिहार के शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल तकनीक और आधुनिक आधारभूत संरचना के समन्वय से बिहार में नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और शहरी विकास की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी. स्वीकृति, विधि मॉड्यूल, सामग्री प्रबंधन तथा लेक शिकायत निवारण जैसी समस्याओं का समाधान होगा. इस पोर्टल को राज्य के 264 शहरी स्थानीय निकायों में लागू करने की योजना है. इसके माध्यम से नागरिकों को विभिन्न शहरी सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने तथा डिजिटल प्रमाणपत्र प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध होगी. भवन निर्माण की अनुमति के लिए आवेदन एवं स्वीकृति की प्रक्रिया भी ऑनलाइन की जाएगी. इससे नागरिकों को सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में सहूलियत होगी तथा सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी.

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव संदीप कुमार आर पुडुकलकट्टी, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ चन्द्रशेखर सिंह, बिहार राज्य आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक निलेश रामचन्द्र देवड़े सहित अन्य वरीय अधिकारी, एनबीसीसी के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महापौर, पार्षद, नगर आयुक्त सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति जुड़े हुये थे.