पटना(PATNA): अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजधानी पटना का पाटलिपुत्र खेल परिसर योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसका उद्घाटन सीएम ने किया. बात दें कि हजारों लोगों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने योगाभ्यास कर न सिर्फ फिटनेस का संदेश दिया, बल्कि बिहार के स्कूलों में योग को हिस्सा बनाने की दिशा में बड़ा संकेत भी दिया. उनके इस बयान ने कार्यक्रम को खास बना दिया .
राजेंद्रनगर स्थित पाटलिपुत्र खेल परिसर में बिहार सरकार की ओर से आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, जदयू सांसद ललन सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए. कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक योगाभ्यास से हुई, जिसमें बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.
योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और विभिन्न योगासन किए. इस दौरान लोगों को योग करने की सही तकनीक और इसके स्वास्थ्य लाभों के बारे में भी जानकारी दी गई. पूरे परिसर में स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल देखने को मिला.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मुख्यमंत्री से योग को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की. इस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार योग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और अगले वर्ष से स्कूलों के पाठ्यक्रम में योग को शामिल करने पर गंभीरता से विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को कम उम्र से ही योग की शिक्षा दी जाए तो उनमें स्वस्थ जीवनशैली की आदत विकसित होगी और वे शारीरिक व मानसिक रूप से अधिक सशक्त बनेंगे.
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में योग सबसे सुलभ, सस्ता और प्रभावी उपाय है, जो लोगों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. वहीं सांसद ललन सिंह ने कहा कि भारत ने योग को वैश्विक पहचान दिलाई है और अब हर परिवार को इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए.
पटना के अलावा बिहार के सभी जिलों में भी योग दिवस को उत्साह के साथ मनाया गया. स्कूलों, कॉलेजों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर योगाभ्यास के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न योग शिविर भी लगाए गए.

