पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर CM सम्राट चौधरी ने दी श्रद्धांजलि, पटना में राजकीय समारोह में जुटे कई नेता
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर पटना में आयोजित राजकीय समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने श्रद्धांजलि अर्पित की. कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और कई मंत्री व नेता शामिल हुए.
पटना (PATNA): पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर बिहार की राजधानी पटना में राजकीय समारोह का आयोजन किया गया. इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें याद किया. समारोह में बिहार सरकार के कई मंत्री और वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अर्पित की श्रद्धांजलि
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया. दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेताओं और विचारकों में शामिल थे. उनका राजनीतिक और सामाजिक चिंतन विशेष रूप से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण का लाभ पहुंचाने की अवधारणा से जोड़ा जाता है. पटना में आयोजित राजकीय समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिहार सरकार के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल समेत कई नेता एवं गणमान्य लोग शामिल हुए. सभी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि दी.
देशभर में मनाया जा रहा अंत्योदय दिवस
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितंबर को अंत्योदय दिवस के रूप में मनाई जाती है. अंत्योदय की अवधारणा समाज के सबसे कमजोर और वंचित व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने पर केंद्रित है. इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर दीनदयाल उपाध्याय के जीवन और उनके विचारों को याद किया जाता है.
25 सितंबर 1916 को हुआ था जन्म
पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में हुआ था. भारतीय राजनीति में उन्हें एक विचारक, संगठनकर्ता और भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेताओं में गिना जाता है. उनके सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विचारों में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान को महत्वपूर्ण स्थान मिला. उनके इसी चिंतन से जुड़ी अंत्योदय की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए उनकी जयंती को अंत्योदय दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस दिन विभिन्न सरकारी और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से जनकल्याण, सामाजिक समावेशन और वंचित वर्गों के उत्थान से जुड़े विषयों पर जोर दिया जाता है.