पटना (PATNA) : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना सिटी स्थित गुरु गोविंद सिंह अस्पताल के नए भवन का उद्घाटन कर राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी सौगात दी. इस नए भवन के शुरू होने से मरीजों को आधुनिक और बेहतर इलाज की सुविधाएं मिलेंगी. सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उनके जिले और अनुमंडल स्तर पर ही उपलब्ध कराई जाएं ताकि उन्हें इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख न करना पड़े.
गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सकेगा
मुख्यमंत्री ने बताया कि नए भवन में कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं आम जनता के लिए निःशुल्क उपलब्ध होंगी. इसके साथ ही जिला औषधि भंडार गृह, पटना और राज्य के विभिन्न जिला अस्पतालों में कुल 105 नए आईसीयू बेड और 70 वेंटिलेटर युक्त गहन चिकित्सा इकाइयों के साथ 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं शुरू की गई हैं. इससे गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सकेगा.

कम समय में बेहतर और सटीक जांच रिपोर्ट मिल सकेगी
राज्य सरकार ने लोक-निजी साझेदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत हब एवं स्पोक मॉडल पर निःशुल्क पैथोलॉजी सेवा भी शुरू की है. पहले चरण में 11 हब लैब स्थापित की गई हैं जहां आधुनिक मशीनों और उपकरणों से जांच की सुविधा उपलब्ध होगी. इनसे जुड़ी 221 स्पोक लैब में मरीजों के नमूने लिए जाएंगे और जांच के लिए हब लैब भेजे जाएंगे. इससे लोगों को कम समय में बेहतर और सटीक जांच रिपोर्ट मिल सकेगी.
मरीजों को महंगा इलाज कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी
इसके अलावा राज्य के 25 अनुमंडलीय अस्पतालों में अब निःशुल्क डायलिसिस सेवा भी उपलब्ध होगी. इससे किडनी रोग से पीड़ित मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.
जनहितकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
सरकार का मानना है कि इन नई सुविधाओं से जिलों और अनुमंडल स्तर पर ही मरीजों को आईसीयू, वेंटिलेटर, डायलिसिस और आधुनिक जांच जैसी सेवाएं बिना किसी अतिरिक्त खर्च के मिल सकेंगी. इससे सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था और मजबूत होगी, बड़े अस्पतालों पर दबाव कम होगा तथा मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा. यह पहल बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, सशक्त और जनहितकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

