शिक्षा विभाग की कमान संभालने के साथ सीके अनिल ने किया बड़ा फेरबदल, 19 अधिकारियों का ट्रांसफर

बिहार की शिक्षा विभाग की कमान संभालते ही एसीएस सीके अनिल एक्शन मूड में हैं. उन्होंने विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है.

शिक्षा विभाग की कमान संभालने के साथ सीके अनिल ने किया बड़ा फेरबदल, 19 अधिकारियों का ट्रांसफर

पटना: बिहार की शिक्षा विभाग की कमान संभालते ही एसीएस सीके अनिल एक्शन मूड में हैं. उन्होंने विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. सीके अनिल ने एक साथ राज्य के 10 जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा 9 जिला कार्यक्रम पदाधिकारी का ट्रांसफर किया है. इस संबंध में विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया है. कहा जा रहा है कि विभाग में बड़े पैमाने पर वेतन घोटाले के बाद एसीएस ने यह कदम उठाया है और बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया है.

10 जिलों के DEO हुए इधर से उधर

शिक्षा विभाग की तरफ से जारी आदेश के अनुसार पटना में सरस्वती कुमारी को जिला शिक्षा पदाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है वहीं पटना के डीईओ योगेश कुमार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति भेज दिया गया है. इसके साथ ही पूर्वी चंपारण के डीईओ राजन कुमार गिरी और नवादा के दीपक कुमार को भी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति भेजा गया है. सीवान के डीईओ राघवेंद्र प्रताप सिंह को मुख्यालय के योजना एवं अनुश्रवण कोषांग में सहायक निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है और उनकी जगह सीतामढ़ी के राघवेंद्र मणि त्रिपाठी को भेजा गया है. बिहार बोर्ड के उप सचिव मुकेश कुमार को भागलपुर का डीईओ बनाया गया है, सीतामढ़ी में दिनेश कुमार पासवान, पूर्वी चंपारण में प्रफुल्ल कुमार मिश्रा और नवादा में सुभाष कुमार को जिम्मेदारी दी गई है.

9 DPO का भी हुआ तबादला

इसके साथ ही 9 डीपीओ का भी तबादला किया गया है. विनय कुमार सुमन को खगड़िया, आनंद कुमार को मुंगेर, विकास कुमार डीएन को औरंगाबाद, तारिक सज्जाद को मधेपुरा और रजनीश कुमार साहू को भागलपुर भेजा गया है. इसके अलावा भोला कुमार कर्ण को गोपालगंज और कुमार अभिजीत को पूर्वी चंपारण की जिम्मेदारी मिली है. एससीईआरटी के सहायक निदेशक राजीव कुमार और रवि कुमार को बक्सर का डीपीओ नियुक्त किया गया है.

34.11 करोड़ की अवैध वेतन निकासी का हुआ है खुलासा

मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग में वेतन भुगतान के नाम पर करीब 34.11 करोड़ रूपये की अवैध निकासी के बाद यह फैसला लिया गया है. फर्जी वेतन निकासी का खुलासा विभाग की समीक्षा के दौरान हुआ जिसके बाद सभी जगहों पर जांच की जा रही है साथ ही दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा रही है.