बिहार के निर्दलीय एमएलसी के मुद्दे पर चिराग का बड़ा बयान, विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को लेकर क्या कहा? पढ़िए

गहन मतदाता पुनरीक्षण और वोट चोरी का मुद्दा बना कर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है और लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है.

बिहार के निर्दलीय एमएलसी के मुद्दे पर चिराग का बड़ा बयान, विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को लेकर क्या कहा? पढ़िए

पटना: गहन मतदाता पुनरीक्षण और वोट चोरी का मुद्दा बना कर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है और लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है. विपक्ष के विरोध पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक बार फिर जोरदार हमला किया तथा एसआईआर को सही बताते हुए कहा कि विपक्ष सिर्फ हंगामा करना चाहता है. राहुल गांधी अपनी रैली में 10 लाख लोगों के आने की बात कही थी लेकिन 140 करोड़ की आबादी वाले देश में महज 1.40 लाख लोग भी नहीं पहुंचे. चिराग पासवान ने कहा कि एसआईआर में जिन लोगों का नाम कटा है वह बिल्कुल ही सही काटा गया है. अगर गलती से कहीं किसी का नाम कटा होगा तो वह दुबारा जोड़ा जाएगा लेकिन विपक्ष जो मुद्दा बता रहा है तो करोड़ों में से कम से कम 2 से 3 लाख वैसे लोग तो उनके साथ आते और प्रदर्शन करते कि मेरा नाम कटा है. लेकिन जब आपत्ति दर्ज करने की बात आती है तो राहुल गांधी को कोई नहीं मिल रहा लेकिन हंगामा कर रहे हैं.

घुसपैठिए देश के साधन और संसाधन का कर रहे दुरूपयोग

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि एसआईआर में काटे गए वही नाम हैं जो हमारे देश के साधन और संसाधन का दुरुपयोग करने वाले नाम हैं. ये लोग जो करोड़ों लोगों के नाम कटने की बात कर रहे हैं तो उनके बीएलए क्या कर रहे हैं. ये लोग रामलीला तक चले गए लेकिन 1.40 लाख लोग भी इकट्ठा नहीं कर सके. ये लोग करोड़ों नाम कटने की बात करते हैं तो कम से दो लाख लोगों को ही ले आते. जब औपचारिक रूप से आपत्ति दर्ज करना होता है तब नहीं करेंगे लेकिन सिर्फ हल्ला करेंगे. जिनका नाम काटा गया है वह सब सही है. ऐसे ही लोगों का नाम काटा गया है जो मृत हैं, डुप्लीकेट नाम हैं या ऐसे लोग हैं जिनका नाम वोटर लिस्ट में जोड़े जाने का आधार नहीं है.

यह विषय सिर्फ सत्ता हासिल करने के उठाते हैं

चिराग पासवान ने कहा कि ये वही लोग घुसपैठिये हैं जो कई बार असामाजिक तत्वों की आवाज बनते हैं, इसलिए इनका नाम काटा जाना बिल्कुल सही है. इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी के पीएम मोदी को खुले मंच पर बहस की चुनौती पर कहा कि अब यही सब करना बच गया है. सत्ता हासिल करने की लालच विपक्ष और खास कर कांग्रेस और राहुल जी में इतनी ज्यादा हो गई है कि ये मर्यादाएं, परंपराएं, किस तरह से देश चलती है वह सब कुछ चौपट करना चाहते हैं. अगर एसआईआर से जनता परेशानी होती तो सड़क पर आ कर हंगामा करती. आप जनता से जुड़े मुद्दे उठाइए न, कई बार मैं सरकार में होते हुए सवाल उठाता हूं. उस वक्त विपक्ष कहां चला जाता है. आप एसआईआर का मुद्दा इसलिए उठा रहे हैं क्योंकि आपकी सीटें कम होती दिख रही है, जिससे वह परेशान हैं.

नैतिकता का विषय है

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दो निर्दलीय एमएलसी के भाजपा में शामिल होने पर जदयू प्रदेश अध्यक्ष के बयान को लेकर कहा कि मुझे नहीं पता कि इसमें गठबंधन धर्म कहां से आता है. कोई व्यक्ति किस पार्टी को समर्थन करता है यह उसका व्यक्तिगत मामला है. लेकिन कानूनी बाधा जिसके तहत सदस्यता संभव है या नहीं, देखना होगा. इसके साथ ही यह एक नैतिकता की भी बात है कि एक गठबंधन के एक दल के खिलाफ आप चुनाव लड़कर आते हैं और उसी गठबंधन के दूसरे दल को समर्थन देने की बात करते हैं तो यह नैतिकता नहीं दिखती है. अगर इसमें कोई कानूनी बाधा है तो वह चिंता का विषय जरूर है.

जदयू का आंतरिक मामला है

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को जदयू से बाहर किए जाने के बाद विधानसभा की सदस्यता रद्द किए जाने को लेकर नोटिस जारी होने पर कहा कि यह उनकी पार्टी का आंतरिक मामला है. चुनाव के दौरान उनकी जो भूमिका रही है उसके तहत जदयू ने कार्रवाई की मांग की है.

पदयात्रा देश भर में निकाली जा रही

चिराग पासवान ने कहा कि एनडीए के पदयात्रा को लेकर कहा कि हमारे प्रतिनिधि भी इस पदयात्रा में शामिल हो रहे हैं. विपक्ष देश को अराजकता की आग में झोंकना चाहता है. वह लोग ऐसे लोगों का उदाहरण देते हैं जो पहले भी कई बार पड़ोसी देश की तरह सत्ता परिवर्तन की सोच रखते हैं और बात करते हैं, उनके विरुद्ध हमारा यह पदयात्रा है.