गंगा का जलस्तर बढ़ने पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सतर्क, अधिकारियों को तैयार रहने के निर्देश

पटना में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हालात और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को संभावित बाढ़ को लेकर सतर्क रहने और राहत-बचाव की व्यवस्था तैयार रखने का निर्देश दिया.

गंगा का जलस्तर बढ़ने पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सतर्क, अधिकारियों को तैयार रहने के निर्देश

पटना (PATNA): गंगा नदी के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति का जायजा लेते हुए संभावित बाढ़ से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि नदी के जलस्तर और संवेदनशील इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से गंगा के मौजूदा जलस्तर के साथ नदी किनारे और आसपास के क्षेत्रों की जानकारी ली. उन्होंने स्पष्ट किया कि संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से पूरी होनी चाहिए, जिससे आपात स्थिति पैदा होने पर लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े.

संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखने का निर्देश 

मुख्यमंत्री ने प्रशासन को उन क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी रखने को कहा, जहां जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है. अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर हालात की नियमित समीक्षा करने और आवश्यकता के अनुसार तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए गए. उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र में बाढ़ या जलभराव जैसी परिस्थिति बनने पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए. इसके लिए संबंधित विभागों को आवश्यक संसाधन और व्यवस्थाएं तैयार रखने को कहा गया है.

राहत और बचाव व्यवस्था तैयार रखने पर जोर 

संभावित बाढ़ की स्थिति में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को राहत एवं बचाव से जुड़ी तैयारियों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है. जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने सहित अन्य आवश्यक कदम तेजी से उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को आपसी तालमेल के साथ काम करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि आपात परिस्थिति में सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान और तत्काल कार्रवाई बेहद जरूरी है.

गंगा के बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता बढ़ाई गई है. सरकार का जोर समय रहते जरूरी कदम उठाने और संभावित बाढ़ की स्थिति में जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है.