SC-ST छात्रों की सुरक्षा को लेकर बिहार सरकार का बड़ा कदम, आवासीय विद्यालयों की होगी लाइव निगरानी

SC-ST छात्रों की सुरक्षा को लेकर बिहार सरकार का बड़ा कदम, आवासीय विद्यालयों की होगी लाइव निगरानी

पटना(PATNA):बिहार सरकार की ओर से रोजाना शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और सरकारी स्कूलों में बच्चों की मौजूदगी के साथ-साथ शिक्षकों की कार्यशैली को सुधारने के लिए कई कदम उठाए जा रहे है. ताकि बिहार की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके और बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो. इसी को देखते हुए बिहार सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है, जहां बिहार के एससी-एसटी आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और स्कूलों की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक नई पहल शुरू की है. जहां बिहार के एससी-एसटी आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और स्कूलों की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक नई पहल शुरू की है. अब राज्य के सभी 91 एससी-एसटी आवासीय विद्यालयों की 24 घंटे ऑनलाइन निगरानी की जाएगी.इसके लिए सभी विद्यालयों को पटना स्थित केंद्रीय कमांड कंट्रोल रूम से जोड़ दिया गया है.इस नई व्यवस्था के शुरू होने से अब स्कूलों की हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा सकेगी.सरकार की ओर से सभी एससी-एसटी आवासीय विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है. इन कैमरों की लाइव फीड सीधे पटना स्थित कमांड कंट्रोल रूम में उपलब्ध रहेगी.यहां से विभागीय अधिकारी स्कूल परिसर, छात्रावास, भोजनालय, प्रवेश और निकास द्वार समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की निगरानी करेंगे. इसका मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और बच्चों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराना है.

स्कूलों में होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे

नई व्यवस्था के तहत अधिकारी स्कूलों में होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे.छात्रावास में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा, उनकी सुविधाएं, साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और स्कूलों में अनुशासन की स्थिति की नियमित समीक्षा की जाएगी. अगर किसी विद्यालय में किसी तरह की लापरवाही, अनियमितता या सुरक्षा से जुड़ी समस्या सामने आती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी.एससी-एसटी कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को सुरक्षित, अनुशासित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित इस निगरानी प्रणाली से विद्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी. साथ ही बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं की भी बेहतर तरीके से निगरानी की जा सकेगी.

कंट्रोल रूम के माध्यम से होगी नियमित मॉनिटरिंग 

मंत्री ने बताया कि कमांड कंट्रोल रूम के माध्यम से विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी. इसके जरिए शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति, छात्रावास की व्यवस्था, बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं की भी समीक्षा होगी.इससे विद्यालयों के संचालन में सुधार आएगा और किसी भी समस्या का समाधान जल्द किया जा सकेगा.सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों का भरोसा बढ़ेगा.पहले जहां स्कूलों की स्थिति और व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के लिए अधिकारियों को अलग-अलग स्तर पर निरीक्षण करना पड़ता था, वहीं अब कमांड कंट्रोल रूम के माध्यम से दूर बैठकर भी विद्यालयों की स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी.

स्कूलों की सुरक्षा के लिए बेहतर कदम

एससी-एसटी आवासीय विद्यालयों में बड़ी संख्या में बच्चे रहकर पढ़ाई करते है.ऐसे में उनकी सुरक्षा, शिक्षा और बेहतर सुविधाओं को सुनिश्चित करना सरकार की अहम जिम्मेदारी है. 24 घंटे निगरानी की यह व्यवस्था बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करने और विद्यालयों की कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.