बिहार : ब्राह्मण चेहरा खोने से राजद को क्या होगा नुकसान ,बांकीपुर चुनाव से भी क्या कोई कनेक्शन 

बिहार : ब्राह्मण चेहरा खोने से राजद को क्या होगा नुकसान ,बांकीपुर चुनाव से भी क्या कोई कनेक्शन

TNP DESK:  बिहार में राजद  के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी का इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने को बांकीपुर उप  चुनाव से भी जोड़ कर देखा जा रहा है.   कहा जा रहा है कि राजद ने एक ब्राह्मण चेहरा को खो दिया है.  बता दें कि शिवानंद तिवारी भी राजद  में थे,  फिलहाल वह कटे कटे रह रहे है.  इन दो ब्राह्मण चेहरों से राजद  को कितना नुकसान होगा, कितना फायदा होगा, यह तो आने वाले दिनों में पता चलेगा।  वैसे लालू प्रसाद यादव के समय से ही शिवानंद तिवारी अलग-थलग  हो गए थे.  लालू प्रसाद ने जब अपने पुत्र को राजनीतिक विरासत देने का काम शुरू किया था , शिवानंद तिवारी अलग हो गए थे.  लेकिन मृत्युंजय तिवारी बने  रहे और राजद  की विभिन्न मंचों पर मजबूती से वकालत करते रहे. 

एक दशक तक पार्टी के प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी रहे
 
मृत्युंजय तिवारी भागलपुर के रहने वाले है.  वह लगभग एक दशक तक पार्टी के प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी रहे.  इस दौरान वह  मुखर होकर लालू प्रसाद  एवं तेजस्वी यादव की पार्टी का पक्ष सार्वजनिक मंच पर रखते रहे.  कहा जा सकता है कि मृत्युंजय तिवारी के भाजपा में जाने से राजद  को नुकसान हो सकता है.  उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह मृत्युंजय तिवारी ने प्रदेश अध्यक्ष मंगनी  लाल मंडल को अपना इस्तीफा दे दिया था.  उसके बाद वरीय  नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश भी की.  प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें तेजस्वी यादव के लौटने का इंतजार करने को कहा.  हालांकि मृत्युंजय तिवारी ने स्पष्ट कह दिया था कि जहां सम्मान नहीं है, बने  रहने का कोई मतलब नहीं है.  मृत्युंजय तिवारी अब भाजपा में शामिल हो गए हैं.  

बहुत पहले से मृत्युंजय तिवारी पर डाला जा रहा था डोरा 

सूत्र तो यह भी बताते हैं कि भाजपा वाले पहले से ही मृत्युंजय तिवारी पर डोरा  डाल रहे थे.  लेकिन बात नहीं बन रही थी.  मृत्युंजय तिवारी मीडिया प्रभारी होने के नाते राष्ट्रीय टीवी चैनलों पर राजद  का पक्ष रखते  आए थे.  सूत्र बता रहे हैं कि कुछ समय से ऐसा करने से उन्हें रोका जा रहा था.  इसी बात को लेकर नाराज  चल रहे थे.  सूत्रों की माने तो मृत्युंजय तिवारी को पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव से दिक्कत हो रही थी.  इस बारे में उन्होंने तेजस्वी यादव से भी शिकायत की थी, लेकिन उनकी सुनी नहीं गई.  मृत्युंजय तिवारी का कहना था कि लालू प्रसाद ने ही उन्हें आरजेडी में लेकर आए थे और प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी थी. 

बांकीपुर का रण : फिर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष 

इतने सालों तक वह बखूबी  अपना काम करते रहे.  कभी किसी तरह का विवाद नहीं हुआ.  लेकिन हाल के महीना में उन्हें अपमानित किया जा रहा था. 
मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफा को बांकीपुर उप  चुनाव से भी जोड़ा जा रहा है.  कहा जा रहा है कि बांकीपुर  चुनाव भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है और इस चुनौती के लिए भाजपा हर दांव  आजमा रही है.  भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन   एक बार फिर दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को पटना पहुंचे हैं.  वह विधायकों और पार्टी नेताओं के साथ बैठक करेंगें।  बांकीपुर  चुनाव होने के बाद उनका यह तीसरा दौरा  ही.  इसके पहले 13 जुलाई और 18 जुलाई को पटना आए थे.   हालांकि कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के 100 दिन पूरे होने पर वह पटना आए हैं और विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगें।