पुलिस के खुलासे से गरमाया पटना जहरीली शराब कांड, ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप, जानिए पूरा मामला
बेढ़ना कांड में पुलिस के हत्याकांड के खुलासे के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने जांच पर सवाल उठाते हुए देर रात थाने में हंगामा किया.
बेढ़ना कांड में पुलिस के हत्याकांड के खुलासे के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने जांच पर सवाल उठाते हुए देर रात थाने में हंगामा किया.
पटना (PATNA): बिहार कि राजधानी पटना में बाढ़ के बेढ़ना में कथित जहरीली शराब से चार लोगों की मौत के मामले में पुलिस के खुलासे के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है. ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार ने प्रेस वार्ता कर मामले को हत्याकांड बताते हुए लाली को मुख्य साजिशकर्ता बताया. पुलिस के मुताबिक, लाली और रुदल कुमार को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक बालक को निरुद्ध किया गया है. पुलिस का दावा है कि मृतक निशु और लाली की बहन के बीच प्रेम प्रसंग था. सभी मृतक दोस्त थे और लाली को इस रिश्ते को लेकर चिढ़ाते थे. इसी से नाराज होकर लाली ने सब्जी विक्रेता रुदल से कथित तौर पर जहर लिया और शराब पार्टी के बहाने युवकों को बुलाकर शराब में जहर मिला दिया, जिससे चारों की मौत हो गई.
पुलिस की प्रेस वार्ता सामने आने के बाद ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों का आक्रोश भड़क उठा. बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन थाने पहुंच गए और पुलिस की जांच को गलत बताते हुए हंगामा किया. मृतक निशु के भाई ने पुलिस के आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया. उसका कहना है कि लाली की बहन शादीशुदा है और पुलिस ने अपनी साख बचाने के लिए मामले को प्रेम प्रसंग का एंगल दे दिया है. ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस ने जो आरोप लगाए हैं, उन्हें सबूतों के साथ साबित करना चाहिए. परिजनों का आरोप है कि इस तरह के दावों से मृतकों और उनके परिवार की बदनामी हो रही है, जिसे वे बर्दाश्त नहीं करेंगे.
वहीं लाली की बहन ने भी पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए मीडिया के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की. उसने खुद को शादीशुदा बताते हुए कहा कि उसके पति सेना में हैं और वह पुलिस के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने की बात कह रही है. उसने पुलिस से प्रेम प्रसंग के आरोपों को साबित करने की मांग की. पुलिस के खुलासे और ग्रामीणों के विरोधी दावों के बीच मामले को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. फिलहाल ग्रामीणों और परिजनों के आरोपों पर पुलिस की ओर से कोई नया बयान सामने नहीं आया है. अब जांच के दौरान सामने आने वाले सबूतों से ही यह स्पष्ट होगा कि पुलिस का हत्याकांड वाला दावा कितना सही है और चार मौतों के पीछे आखिर वास्तविक वजह क्या थी.