बिहार में ओला उबर पर परिवहन विभाग की सख्ती, सचिव ने यात्री की सुरक्षा और चालक की सुविधा को लेकर दिए कई निर्देश

बिहार में यात्री की सुरक्षा, चालकों की सुविधा में पारदर्शिता को लेकर परिवहन विभाग के सचिव ने समीक्षा बैठक की. बैठक के दौरान उन्होंने कंपनियों को कई निर्देश जारी किए

बिहार में ओला उबर पर परिवहन विभाग की सख्ती, सचिव ने यात्री की सुरक्षा और चालक की सुविधा को लेकर दिए कई निर्देश

पटना: बिहार में अब ओला उबर समेत अन्य बाइक और टैक्सी कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए परिवहन विभाग ने कमर कस ली है. विभाग ने इन कंपनियों की से जुड़ी मानको की समीक्षा की तथा कई निर्देश जारी किए. परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार ने यात्रियों की सुरक्षा, चालकों की सुविधा और किराए में पारदर्शिता इत्यादि समेत अन्य कई मामलों की समीक्षा की. समीक्षा के दौरान पूर्व में जारी निर्देशों का अनुपालन करने के लिए भी नोटिस जारी करते हुए 30 अक्टूबर तक का समय दिया गया है. इसके साथ ही एग्रीगेटर कंपनियों से एंबुलेंस सेवा का विस्तार करने के लिए प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया है. परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि निर्देशों का अनुपालन नहीं करने वाले कंपनी का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है.

समीक्षा बैठक के दौरान एग्रीगेटर कंपनियों को अपने ऐप पर हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में चैटबॉट की सुविधा उपलब्ध करानी होगी. इससे हिंदी भाषी यात्री और चालक आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. चालकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कॉल सपोर्ट की व्यवस्था भी करनी होगी. कंपनियों को बिहार में स्थानीय कार्यालय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है. विभाग ने राइड कैंसिलेशन चार्ज और रात में लगने वाले अतिरिक्त शुल्क से संबंधित प्रावधानों की समीक्षा की. इन कंपनियों को यात्रियों को शुल्क की स्पष्ट जानकारी देने और निर्धारित नियमों का पालन करने को कहा गया है. ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के संदेश की अवधि दो सेकेंड से बढ़ाकर 10 सेकेंड करने का निर्देश भी दिया गया है, ताकि सूचना को आसानी से समझा जा सकें.

एग्रीगेटर कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म से केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यावसायिक वाहनों को ही जोड़ सकेंगी. चालक की आईडी निलंबित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करनी होगी और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करना होगा. एयरपोर्ट पर एग्रीगेटर वाहनों की पार्किंग के लिए भी व्यवस्था करने को कहा गया है. परिवहन सचिव ने स्पष्ट किया कि सभी निर्देशों का समय पर पालन करना अनिवार्य है.राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने कहा कि कंपनियों की सेवाओं की निगरानी और अनुपालन का सत्यापन किया जायेगा.