Bihar Politics: उपेंद्र कुशवाहा के बेटे के लिए कुर्बानी देने वाले पूर्व MLC को क्या मिला ईनाम, पढ़िए पूरी कहानी

बिहार में पूर्व MLC देवेश कुमार को राज्य योजना परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया है. इस पद के साथ उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा और संबंधित सुविधाएं मिलेंगी.

Bihar Politics: उपेंद्र कुशवाहा के बेटे के लिए कुर्बानी देने वाले पूर्व  MLC को क्या मिला ईनाम, पढ़िए पूरी कहानी

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): बिहार में उपेंद्र कुशवाहा के बेटे का मंत्री पद बचाने वाले पूर्व एमएलसी देवेश कुमार को इनाम मिल गया है. उन्हें अब कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त हो गया है. देवेश कुमार को बिहार राज्य योजना परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया है. मुख्यमंत्री इस बोर्ड के अध्यक्ष होते है. बोर्ड उपाध्यक्ष की हैसियत से देवेश कुमार को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलेगा और उसी के अनुसार सुविधा भी प्राप्त होगी. यह अलग बात है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भाजपा और एनडीए के सहयोगी लगभग आधा दर्जन सवर्ण नेताओं को बोर्ड समिति अथवा परिषद में एडजस्ट किया है. 

सबसे बड़ा चेहरा पूर्व एमएलसी देवेश कुमार का ही है. इसलिए भी उनके नाम की चर्चा चल रही है. जिस समय देवेश  कुमार ने इस्तीफा दिया था, उस समय से  चर्चा चल रही थी कि आखिर उपेंद्र कुशवाहा के बेटे के मंत्री पद को बचाने के लिए देवेश कुमार ने एमएलसी पद से इस्तीफा क्यों दे दिया? देवेश कुमार वर्तमान में मिजोरम में भाजपा के प्रभारी हैं. 2021 में बिहार के राज्यपाल ने राज्य विधान परिषद के लिए उन्हें नामित किया था और उनका कार्यकाल 2027 में खत्म होने वाला था. पिछले महीने उन्होंने इस्तीफा दे दिया था और बताया था कि यह उनका अपनी मर्जी से लिया गया फैसला था. उनके इस्तीफा के बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और मंत्री दीपक प्रकाश के लिए विधानमंडल का सदस्य होने का रास्ता साफ हो गया था. किसी भी सदन का सदस्य नहीं होने की वजह से उनकी कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा था. 

दरअसल, बेटे के मंत्री पद को बचाने के लिए उपेंद्र कुशवाहा को  कड़ी मेहनत करनी पड़ी. बिहार की 10 विधान परिषद सीटों के लिए उनका नाम सूची में नहीं आने के बाद उनकी परेशानी बढ़ गई थी. एनडीए के तीन प्रमुख दलों की तरफ से नौ उम्मीदवार मैदान में उतारे गए थे. जिसमें बीजेपी और जदयू से चार-चार और चिराग पासवान की पार्टी से एक उम्मीदवार थे. सभी की निगाहें उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश पर थी, लेकिन उन्हें एमएलसी उम्मीदवार नहीं बनाए जाने से चर्चा तेज हो गई थी. दीपक प्रकाश के मंत्री पद को लेकर खटपट भी शुरू हो गई थी. यह  मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था और लग रहा था कि दीपक प्रकाश की कुर्सी चली जाएगी, लेकिन ऐन वक्त पर भाजपा के एमएलसी ने इस्तीफा दे दिया और उनकी जगह पर दीपक प्रकाश नामित हो गए. इस तरह 2027 तक उनके मंत्री की कुर्सी सुरक्षित हो गई है.