बिहार पंचायत चुनाव 2026: EBC आरक्षण के लिए होगा सर्वे, ट्रिपल टेस्ट के बाद तय होंगी सीटें
बिहार पंचायत चुनाव 2026 में EBC आरक्षण तय करने के लिए अति पिछड़ा वर्ग आयोग पंचायतवार सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का अध्ययन करेगा. ट्रिपल टेस्ट और परिसीमन के बाद आरक्षित सीटों की अंतिम तस्वीर साफ होगी.
TNP DESK : बिहार पंचायत चुनाव 2026 से पहले अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के आरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण प्रक्रिया शुरू होने जा रही है. राज्य अति पिछड़ा वर्ग आयोग पंचायत स्तर पर ईबीसी की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक स्थिति का अध्ययन करेगा. इस अध्ययन से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर आयोग सरकार को अपनी अनुशंसा देगा और इसके बाद आरक्षित सीटों की स्थिति स्पष्ट होगी.
पंचायत स्तर पर जुटाए जाएंगे आंकड़े
अध्ययन के दौरान अलग-अलग पंचायतों में अत्यंत पिछड़ा वर्ग की आबादी और स्थानीय राजनीति में उनकी भागीदारी का आकलन किया जाएगा. ईबीसी में शामिल करीब 122 जातियों की स्थिति का अध्ययन किए जाने की तैयारी है. इनमें कहार, कुम्हार, धानुक, लोहार, तेली, मल्लाह, कानू और नाई जैसी जातियां शामिल हैं. आयोग यह भी देखेगा कि पंचायत से लेकर अन्य निर्वाचित संस्थाओं तक इन समुदायों का प्रतिनिधित्व कितना है. इसके साथ सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति से जुड़े आंकड़े भी जुटाए जाएंगे.
ट्रिपल टेस्ट के बाद तय होगा आरक्षण
पंचायत चुनाव में पिछड़े वर्गों के आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है. बिहार सरकार ने राज्य अति पिछड़ा वर्ग आयोग को इस अध्ययन के लिए समर्पित आयोग की जिम्मेदारी दी है. आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आगे आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. बिहार राज्य निर्वाचन आयोग के उपलब्ध विवरण के अनुसार, पंचायती राज संस्थाओं में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लिए कुल आरक्षण की अधिकतम सीमा 50 प्रतिशत है. एससी और एसटी को आबादी के अनुपात में आरक्षण दिए जाने के बाद पिछड़े वर्गों के लिए कुल पदों के अधिकतम 20 प्रतिशत तक आरक्षण का प्रावधान है.
परिसीमन से भी बदल सकता है आरक्षण
पंचायत चुनाव से पहले राज्य में परिसीमन की प्रक्रिया भी आरक्षण के स्वरूप पर असर डाल सकती है. निर्वाचन क्षेत्रों और पंचायतों की नई संरचना सामने आने के बाद पंचायतवार आरक्षित सीटों का निर्धारण किया जाएगा. राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव 2026 के लिए आरक्षण निर्धारण के उद्देश्य से 2011 की जनसंख्या के आधार पर पदवार जनसंख्या विवरणी का अंतिम प्रकाशन भी किया है. ऐसे में परिसीमन, आयोग के अध्ययन और आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि किस पंचायत या पद पर किस वर्ग के लिए आरक्षण लागू होगा.