Bihar: 600 करोड़ के डस्टबिन घोटाले में नया ट्विस्ट! दो पूर्व स्वास्थ्य मंत्रियों का करियर कैसे दांव पर, पढ़िए
बिहार में डस्टबिन खरीद में कथित घोटाले को लेकर सियासत तेज हो गई है. स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं, वहीं प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव और मंगल पांडे के कार्यकाल की भूमिका की जांच की मांग की है.
टीएनपी डेस्क (TNP DESK): बिहार में डस्टबिन घोटाले का जिन्न एक बार फिर नए ढंग से बाहर आया है. हालांकि इस मामले में सम्राट सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने जांच के आदेश दे दिए हैं. स्वास्थ्य मंत्री ने पिछले सप्ताह ही अस्पतालों के लिए कूड़े दान समेत दवा और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के आदेश दिए थे. लेकिन इस मामले में एक नया ट्विस्ट तब आ गया, जब विधायक प्रशांत किशोर ने इस मामले में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को भी घेरे में ले लिया.
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य विभाग में डस्टबिन खरीद की प्रक्रिया महागठबंधन सरकार के दौरान शुरू हुई और एनडीए सरकार में आकर खत्म हुई. महागठबंधन सरकार में तेजस्वी यादव स्वास्थ्य मंत्री थे, जबकि एनडीए सरकार में मंगल पांडे स्वास्थ्य मंत्री रहे. प्रशांत किशोर का आरोप है कि दोनों ही नेताओं के कार्यकाल में डस्टबिन को कई गुना अधिक दाम पर खरीदा गया था. इसकी जांच गहराई से होनी चाहिए. इस मामले में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं. प्रशांत किशोर ने कहा कि इस मामले को अगर गहराई से देखा जाए तो उसमें दो स्वास्थ्य मंत्री का कैरियर शामिल है. डस्टबिन खरीद का मामला तब शुरू हुआ, जब तेजस्वी यादव स्वास्थ्य मंत्री थे और खत्म तब किया गया, जब मंगल पांडे मंत्री थे. ऐसे में दोनों ही नेताओं की भूमिका की जांच होनी चाहिए.
प्रशांत किशोर ने स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी का नाम तो नहीं लिया लेकिन कहा कि वह तेजस्वी यादव और मंगल पांडे दोनों के कार्यकाल में स्वास्थ्य विभाग में थे. दरअसल, पिछले महीने बिहार के सरकारी अस्पतालों में मेडिकल कूड़ा के लिए डस्टबिन खरीद में कथित गड़बड़ी के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया था. एक आरटीआई के हवाले से दावा किया गया था कि स्वास्थ्य विभाग में 15490 रुपए प्रति यूनिट से डस्टबिन खरीदे गए थे. जबकि इसका बाजार मूल्य 500 से 1500 रुपए तक ही हो सकता है. यह मामला सामने आने के बाद विपक्ष ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया था. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने आरोप लगाया था कि एनडीए सरकार ने 500 से 1500 तक के मिलने वाले डस्टबिन को 15000 से अधिक मूल्य पर खरीदा है. आरजेडी का आरोप था कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के कार्यकाल में 600 करोड रुपए से अधिक का डस्टबिन घोटाला किया गया है.