Bihar MLC election: उपेंद्र कुशवाहा को मिल गई है बड़ी राहत लेकिन अनंत और नीरज अभी भी आमने -सामने ?

बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर इसके पहले इतनी चर्चा नहीं होती थी, इतना उठा -पटक नहीं होता था. लेकिन 2026 में तो "खेल पर खेल" हो रहा है. पार्टी के भीतर ही पार्टी खड़ी हो रही है. जदयू में बाहुबली विधायक अनंत सिंह और नीरज कुमार आमने-सामने हैं, तो उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी का विवाद अब थमता नजर आ रहा है.

Bihar MLC election: उपेंद्र कुशवाहा को मिल गई है बड़ी राहत लेकिन अनंत और नीरज अभी भी आमने -सामने ?

टीएनपी डेस्क:   बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर इसके पहले इतनी चर्चा नहीं होती थी, इतना उठा -पटक नहीं होता था.  लेकिन 2026 में तो "खेल पर खेल" हो रहा है.  पार्टी के भीतर ही पार्टी खड़ी हो रही है.  जदयू में बाहुबली विधायक अनंत   सिंह और नीरज कुमार आमने-सामने हैं, तो उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी का विवाद अब थमता  नजर आ रहा है.  आज से पहले तक उपेंद्र कुशवाहा को आंखें तैरने वाले उनके पार्टी के विधायक अब सरेंडर  मुद्रा में दिख रहे हैं.  सूचना के मुताबिक उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के तीन विधायकों के समर्थन से निर्दलीय उतरे  राम पुकार सिन्हा  ने खुद को चुनावी मैदान से बाहर करने का ऐलान कर दिया है. 

 उन्होंने एमएलसी चुनाव में एनडीए प्रत्याशी के समर्थन में चुनाव प्रचार करने का फैसला लिया है.  राम पुकार सिन्हा  ने शुक्रवार को यह घोषणा की.  उन्होंने सारण  शिक्षक सीट से निर्दलीय पर्चा भरा था.   राम पुकार सिन्हा  के समर्थन में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के चार में से तीन विधायक माधव आनंद, आलोक सिंह और रामेश्वर महतो थे.  लेकिन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ने शुक्रवार को कहा कि राम पुकार सिन्हा  और हम तीनों विधायक अब एनडीए प्रत्याशी का प्रचार करेंगे।  

उपेंद्र कुशवाहा ने बगावती तेवर अपनाने वाले राम पुकार सिन्हा  को 6 साल के लिए निलंबित कर दिया था.  पार्टी से नाराज चल रहे हैं तीनों विधायकों ने शुक्रवार को कहा कि एनडीए एक परिवार है.  गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व का जो फैसला आया है, उसे हम स्वीकार करते हैं.  यहां यह कहना गलत नहीं होगा कि उपेंद्र कुशवाहा के बेटे को भाजपा ने अपने एमएलसी का इस्तीफा दिलाकर  उन्हें सदन का सदस्य बनवाया , जिससे  उनके मंत्री की कुर्सी तत्काल बच गई है.  इधर, विधान परिषद चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा के पार्टी के विधायकों  की बगावत कर बैठे थे, जिससे उपेंद्र कुशवाहा की परेशानी बढ़ गई थी.  लेकिन अब वह राहत की सांस लेंगें।