Bihar MLC Election: मुख्यमंत्री की दो टूक, जदयू और रालोम पार्टी में विवाद खत्म कराएं, शुक्रवार की बैठक में क्या होगा?
एनडीए में सहयोगी दलों के बीच विवाद को लेकर बुधवार को सीएम आवास पर बैठक हुई. जेडीयू और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को आपसी विवाद सुलझाने और इसका असर चुनावी नतीजों पर नहीं पड़ने का संदेश दिया गया.
TNP DESK: सूत्रों पर भरोसा करें तो जदयू और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को संदेश दे दिया गया है कि अपनी पार्टी का विवाद वह खुद सलटा ले. विवाद का असर रिजल्ट पर नहीं पड़ना चाहिए. यह संदेश मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर बुधवार को देर शाम हुई बैठक में दिया गया है. 9 अक्टूबर को एनडीए की बड़ी बैठक बुलाई गई है. यह बैठक सीएम आवास में होगी और इस बैठक में एनडीए के सभी सांसदों को भी बुलाया गया है. सूत्रों के अनुसार बैठक में जदयू विधायक अनंत सिंह और नीरज कुमार का विवाद भी उठा. उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के नेता राम पुकार सिंह के नामांकन की भी चर्चा हुई है.
घटक दलों को क्या मिला है निर्देश ,पालन नहीं हुआ तो क्या होगा
इसके बाद घटक दलों को कह दिया गया कि वह अपनी पार्टी के उम्मीदवारों का नामांकन वापस कराये. 9 अक्टूबर को नामांकन वापसी का अंतिम समय है. बताया जाता है कि इस बैठक में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और विजेंद्र यादव, मंत्री संतोष सुमन, संजय कुमार सिंह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, हम के प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य मौजूद थे. बुधवार को हुई बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया कि विधान परिषद चुनाव में एनडीए की जीत सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है कि सामूहिक प्रचार करें. दल के बजाय गठबंधन को प्राथमिकता दें ताकि जीत सुनिश्चित हो सके. बैठक में आठों सीटों पर जीत हासिल करने पर विमर्श हुआ.
जदयू और राष्ट्रीय लोक मोर्चा का संकट बढ़ा हुआ है
फिलहाल जदयू और राष्ट्रीय लोक मोर्चा का संकट बढ़ा हुआ है. अनंत सिंह पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. तो उपेंद्र कुशवाहा के सामने अपनी पार्टी को बचाने का एक बार फिर संकट पैदा हो गया है. राष्ट्रीय लोक मोर्चा में एक बार फिर बगावत तेज है. राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा खुद अलग-अलग पड़ गए हैं. विधायक दल के नेता माधव आनंद समेत पार्टी के चार में से तीन विधायक विधान परिषद चुनाव में एनडीए के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन दे दिया है. इनमें माधव आनंद, प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह और विधायक रामेश्वर महतो शामिल हैं. मधुबनी विधायक माधव आनंद ने मंगलवार को कहा कि शीर्ष नेतृत्व ने कुछ ऐसे फैसले लिए हैं, जिस कारण उन्हें यह निर्णय लेना पड़ा है.
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने जा रहा चुनाव
उल्लेखनीय है कि बिहार विधान परिषद की जिन 8 सीटों पर चुनाव होने जा रहे हैं उनमें पटना, दरभंगा, कोसी, तिरहुत, सारण क्षेत्र की शिक्षक और स्नातक कोटे की सीटें हैं. एनडीए से भाजपा और जेडीयू चार-चार सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं. एमएलसी चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को नतीजे आएंगे. नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. 9 अक्टूबर तक नामांकन वापसी का समय है. यहाँ बता दें कि नीरज कुमार और अनंत सिंह दोनों ही मोकामा से हैं. दोनों के बीच की यह दुश्मनी काफी पुरानी है. 2015 के विधानसभा चुनावों में नीरज कुमार ने अनंत के खिलाफ चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे. अनंत सिंह उस चुनाव में निर्दलीय लड़े थे और जीत हासिल की थी. आपराधिक मुकदमों के बहाने नीरज कुमार अनंत सिंह की आलोचना करने का कोई भी मौका नहीं चूकते है.