पटना (PATNA) : बिहार विधानसभा में आज पहली बार विधायकों के लिए डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष प्रबोधन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. इस पहल का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को आधुनिक तकनीकों और डिजिटल प्रशासनिक प्रणालियों से परिचित कराना है ताकि वे अपने कार्यों में तकनीक का प्रभावी उपयोग कर सकें.
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे
यह कार्यक्रम विधानसभा के विस्तारित भवन स्थित ऑडिटोरियम में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित होगा. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना (एमकेवीआई) से जुड़े प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग इंफॉर्मेशन सिस्टम (PMIS) पोर्टल का भी शुभारंभ किया जाएगा. मुख्यमंत्री कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डिजिटल प्रशासन और नई तकनीकों के महत्व पर अपने विचार भी रखेंगे.
कार्यक्रम की शुरुआत विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार के स्वागत भाषण से होगी. इसके बाद दो अलग-अलग सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा विधायकों को डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ई-गवर्नेंस से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी. प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया जाएगा कि AI और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग विकास योजनाओं की निगरानी, पारदर्शिता बढ़ाने और जनता तक सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में कैसे किया जा सकता है.
बिहार विधानसभा का यह कदम महत्वपूर्ण
बदलते समय में प्रशासन और शासन व्यवस्था में डिजिटल तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है. ऐसे में बिहार विधानसभा का यह कदम जनप्रतिनिधियों को नई तकनीकों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे विधायकों को योजनाओं की बेहतर मॉनिटरिंग, त्वरित निर्णय लेने और डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग करने में सहायता मिलेगी.
यह बिहार विधानसभा का अपनी तरह का पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में तकनीक आधारित प्रशासन को और मजबूती मिलेगी तथा जनप्रतिनिधि आधुनिक डिजिटल संसाधनों का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकेंगे.

