बिहार कांग्रेस : 2029 की यह कैसी तैयारी? अखिलेश सिंह -शकील अहमद विवाद में कूदे प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम 

बिहार कांग्रेस : 2029 की यह कैसी तैयारी? अखिलेश सिंह -शकील अहमद विवाद में कूदे प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम

टीएनपी डेस्क :  क्या झारखंड कांग्रेस की तरह ही शीर्ष नेतृत्व को बिहार में भी कांग्रेस नेताओं को संयम बरतने  की सलाह देना होगा।  या फिर 2029  के पहले पार्टी में सफाई अभियान चलेगा? बिहार में 40 लोकसभा सीट हैं.  ऐसे में कांग्रेस का शीर्ष  नेतृत्व बिहार में कांग्रेस नेताओं में आपसी लड़ाई को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।  फिलहाल बिहार कांग्रेस में विवाद छिड़ा  हुआ है.  वहां  वार -पलटवार की राजनीति चल रही है. 2029 के लिए राहुल गांधी, जो ताना -बाना  तैयार कर रहे हैं, उन्हीं के पार्टी के लोग उसे तोड़ने पर आमदा हैं.  झारखंड के कांग्रेस नेताओं की चूड़ी  जब शीर्ष नेतृत्व ने जब टाइट की, तो वह शांत पड़ गए.  लेकिन बिहार में कांग्रेस विवाद की आग में जल रही है. 

प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने भी बोला तेज हमला 

 पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह बागी तेवर अपना लिया है.  तो अब शकील अहमद के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने भी  अखिलेश प्रसाद सिंह पर तेज हमला बोला है.  उन्होंने कहा है कि राहुल गांधी ने जिस योजना के तहत काम की शुरुआत की है, अखिलेश सिंह उसी को दरकिनार कर  रहे हैं. पार्टी  को कमजोर कर रहे हैं.  उन्होंने सवाल किया है कि अगर अखिलेश सिंह इतने बड़े नेता हैं , तो अपने बेटे को क्यों नहीं जीता  पाए? परिवार के अन्य लोगों को भी चुनाव में नहीं जीता  सके.  प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि 2025 का जब चुनाव हुआ था, तो उनका कार्यकाल सिर्फ 6 महीने का था और 6 सीट  कांग्रेस के खाते में आई.  जबकि अखिलेश सिंह साढ़े  तीन  साल तक प्रदेश अध्यक्ष रहे, लेकिन अपने बेटे को भी नहीं जीता  सके.  जबकि इसके लिए उन्होंने खूब हेलीकॉप्टर उडाये थे. 

2025 में अखिलेश प्रसाद सिंह को पद से हटा दिया गया था
 
आपको बता दें कि 2025 में अखिलेश प्रसाद सिंह को पद से हटा दिया गया था.  उनकी जगह राजेश कुमार को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था.  राजेश कुमार बिहार कांग्रेस के 42 में प्रदेश अध्यक्ष बने है.  साथ ही चौथे दलित अध्यक्ष हैं, इससे पहले 1977 में मुंगेरीलाल, 1985 में डूमरलाल बैठा और 2013 में अशोक चौधरी अध्यक्ष बने थे.  राजेश राम पटना में एक यूट्यूब को दिए इंटरव्यू में अखिलेश सिंह पर बड़ा हमला बोला है.  आपको बता दें कि अखिलेश कुमार सिंह अपनी पार्टी और नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.  उन्होंने कहा था कि चुनाव के पहले पार्टी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया था, जिसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा.  बिहार चुनाव में हार  की वजह उन्होंने प्रदेश नेतृत्व को बताया था. 

अखिलेश सिंह ने प्रदेश प्रभारी पर भी बोला था हमला 

उन्होंने बिना नाम लिए कांग्रेस प्रभारी अल्लावरु पर भी हमला किया था.  अखिलेश सिंह ने कहा था कि ऐसे लोग प्रभारी बने, जिनका राजनीति से वास्ता ही नहीं रहा.  यह लोग बिहार आए, तो सबसे पहले हमको प्रदेश अध्यक्ष से हटा दिया. नतीजा हुआ कि बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सिर्फ 6 सीट जीत पाई.  अगर हम अध्यक्ष रहते तो ऐसा प्रदर्शन कदापि नहीं होता. हम तो चार सांसद जीता  कर लाए थे.  उन्होंने कहा था कि बिहार में 40% सवर्ण  विधायक इस बार जीते हैं.  भूमिहार जाति के 27 विधायक हैं और मैं भी उसी जाति से हूं, इसके पलट विधायक दल के पूर्व नेता शकील अहमद खान ने कहा था कि अखिलेश सिंह को यह बातें नहीं करनी चाहिए.  हमारी पार्टी का यही प्रयास रहा है कि हर वर्ग को पार्टी की संरचना में शामिल किया जाए.  यह सब बिहार विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिली.