पटना (PATNA : बिहार विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है. यह सत्र 24 जुलाई तक चलेगा. पांच दिनों के इस छोटे लेकिन अहम सत्र के हंगामेदार रहने की पूरी संभावना है. सरकार और विपक्ष कई बड़े मुद्दों पर आमने-सामने होंगे.
इस बार का सत्र कई मायनों में खास है. करीब दो दशक बाद पहली बार ऐसा होगा जब विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जगह सम्राट चौधरी सदन में सरकार की ओर से मुख्य भूमिका निभाते नजर आएंगे. सरकार अपने कार्यकाल के शुरुआती 100 दिनों का रिपोर्ट कार्ड सदन में पेश करेगी और अपनी उपलब्धियों को गिनाएगी.
विपक्ष सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश करेगा
वहीं विपक्ष सरकार को कानून-व्यवस्था, अपराध और हाल के चर्चित मामलों को लेकर घेरने की तैयारी में है. भरत तिवारी एनकाउंटर समेत कई घटनाओं को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा. इसके अलावा बेरोजगारी, विकास और जनहित के अन्य मुद्दों पर भी विपक्ष सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश करेगा.
हालांकि इस पूरे सत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सदन की कार्यवाही का हिस्सा नहीं होंगे. ऐसे में विपक्ष की रणनीति और दूसरे नेताओं की भूमिका पर भी सभी की नजर रहेगी.
RJD छात्रों के हितों से जुड़े सवाल उठाएगी
इधर, NEET पेपर लीक मामले को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पहले ही दिन सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करेगी. विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले सुबह करीब 10:30 बजे आरजेडी विधानसभा मार्च निकालेगी. पार्टी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है और छात्रों के हितों से जुड़े सवाल उठाएगी.
सरकार जहां अपनी उपलब्धियों और योजनाओं को सामने रखेगी, वहीं विपक्ष कानून-व्यवस्था, शिक्षा, रोजगार और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर हमलावर रहेगा. ऐसे में 20 जुलाई से 24 जुलाई तक चलने वाला बिहार विधानसभा का मानसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है. पहले दिन से ही सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और जोरदार हंगामे के आसार हैं.

