बड़ी खबर: सम्राट कैबिनेट बैठक में 17 प्रस्तावों पर लगी मुहर, गयाजी में काशी विश्वनाथ जैसा कॉरिडोर, 366 डॉक्टरों की होगी भर्ती

बिहार कैबिनेट ने 17 बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी है. गया में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विष्णुपद मंदिर का विकास होगा, वहीं मेडिकल कॉलेजों में 366 सहायक प्राध्यापकों की संविदा पर भर्ती होगी.

बड़ी खबर: सम्राट कैबिनेट बैठक में 17 प्रस्तावों पर लगी मुहर, गयाजी में काशी विश्वनाथ जैसा कॉरिडोर, 366 डॉक्टरों की होगी भर्ती

पटना (PATNA): बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई. बैठक में विकास, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और धार्मिक पर्यटन से जुड़े कुल 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. सरकार ने गया के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास से लेकर मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की भर्ती और किसानों के लिए कई योजनाओं पर बड़ा फैसला लिया है.

गया में काशी विश्वनाथ की तर्ज पर विकास

कैबिनेट ने गया के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए 3,516 करोड़ 5 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है. इसे वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. योजना में मल्टी लेवल कार पार्किंग, एलिवेटेड पथ, पुल और रैंप, घाटों का विकास, डॉरमेट्री, कैंटीन और सीता कुंड समेत कई काम शामिल हैं. इसके साथ ही सोन नदी का पानी उत्तर कोयल मुख्य नहर तक पहुंचाने के लिए इंद्रपुरी बराज से 23 किलोमीटर ऊपर इंटक वेल बनाने की योजना को भी मंजूरी मिली है.

366 पदों पर डॉक्टरों की भर्ती

स्वास्थ्य विभाग के अधीन पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के 366 रिक्त पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति की जाएगी. इनमें बेतिया, पूर्णिया, मधेपुरा, छपरा और समस्तीपुर के मेडिकल कॉलेज शामिल हैं. नियमित नियुक्ति होने तक इन पदों पर संविदा के आधार पर बहाली की जाएगी. सरकारी डेंटल कॉलेज और अस्पतालों में भी खाली पदों पर संविदा नियुक्ति का रास्ता साफ किया गया है. वहीं, 17 नवंबर 2021 से लगातार बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले डॉक्टर रवि शंकर प्रसाद को सेवा से मुक्त करने की मंजूरी दी गई है.

मखाना और पाम की खेती को बढ़ावा

सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मखाना विकास योजना के तहत करीब 89.79 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है. इसके अलावा ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देने के लिए NMEO-OP योजना के तहत 2.10 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. एकीकृत बागवानी विकास मिशन के लिए भी 2026-27 से 2027-28 तक 78.34 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.

ईंट-भट्ठा कारोबारियों को राहत

ईंट-भट्ठा व्यवसायियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी दी गई है. वित्तीय वर्ष 2024-25 तक बकाया राशि के निपटारे में उन्हें राहत मिलेगी. बताया गया है कि कारोबारियों पर करीब 266 करोड़ रुपये बकाया है.

इन फैसलों पर भी लगी मुहर

कैबिनेट ने बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में पैरावेट स्कूल के लिए 6 पदों के सृजन को मंजूरी दी है. इसके लिए करीब 45.99 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं. साथ ही बिहार राज्य विमानन संवर्ग भर्ती नियमावली 2026 और बिहार जिला खनिज फाउंडेशन नियमावली 2026 को मंजूरी मिली है. बिहार सूचना आयोग में दो अतिरिक्त राज्य सूचना आयुक्त के पदों के सृजन और जल संसाधन विभाग के लिए आकस्मिकता निधि से 1,000 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति भी दी गई है.