भोजपुरी  पावर स्टार पवन सिंह के पास बिहार में न कोई फ्लैट और न ही बैंक खाता ,जानिए कितनी सम्पति के मालिक हैं

भोजपुरी  पावर स्टार पवन सिंह के पास बिहार में न कोई फ्लैट और न ही बैंक खाता ,जानिए कितनी सम्पति के मालिक हैं

TNP DESK- भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह अब  एमएलसी बनकर राजनीति करेंगें.  उनके शपथ पत्र से यह बात सामने आई है कि बिहार में उनके नाम से ना कोई फ्लैट  है और ना ही कोई बैंक खाता. पवन सिंह ने विधान परिषद चुनाव में नामांकन के साथ जो हलफनामा  दिया है, उसमें संपत्ति तो बहुत है, लेकिन मुंबई और लखनऊ में.  गाड़ियां भी बिहार से बाहर रजिस्टर्ड हैं.  काराकाट से निर्दलीय लोकसभा चुनाव लड़ने के समय उनकी घोषित संपत्ति 16.74 करोड़ थी, जो अब बढ़कर 19.4 करोड़ हो गई है.  पवन सिंह के नाम पर जो घर और फ्लैट है, वह सब मुंबई और लखनऊ में है.  

पवन सिंह काफी  समय से लखनऊ को केंद्र बनाकर काम कर रहे हैं

पवन सिंह काफी  समय से लखनऊ को केंद्र बनाकर काम कर रहे हैं.  उनके पास मुंबई में चार और लखनऊ में दो फ्लैट हैं.  सब की कीमत लगभग 7.73 करोड़ है.  उनके पास बिहार में कुछ जमीन है.  आरा में लगभग एक  एकड़ की खेती की जमीन है.  पटना और आरा में दो गैर कृषि जमीन भी है.  आरा में ही दो व्यावसायिक जमीन है.  जिनमें एक प्लॉट 4.16 करोड़ की है.  उनपर दो होम लोन और दो  ऑटो लोन का कुल मिलाकर 2.3 करोड रुपए बकाया भी है.  उन पर 6 मामले भी चल रहे है,. 
 
सांसद बनने के प्रयास में लगातार मिलती रही असफलता 

भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह को भाजपा में इनाम तो जरूर मिला, लेकिन यह इनाम उनके इच्छा के अनुसार नहीं है. यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि कोयलांचल में उनके समर्थक यह बात कह रहे हैं. भाजपा ने पवन सिंह को बिहार से एमएलसी का उम्मीदवार बनाया है.  पवन सिंह ने सांसद बनने के कई प्रयास किये, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली.2024 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल के आसनसोल सीट से भाजपा ने पवन सिंह को टिकट दिया था. लेकिन वह चुनाव नहीं लड़े और टिकट वापस कर दिया. उसके बाद उन्होंने बिहार के काराकाट सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन वहां भी पराजय का सामना करना पड़ा. कहा तो यही जाता है कि पवन सिंह की वजह से एनडीए उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा चुनाव हार गए थे. 

पवन सिंह के चुनाव लड़ने की वजह से एनडीए को हुआ था नुकसान 

उस चुनाव में एनडीए को शाहाबाद से लेकर मगध तक नुकसान हुआ था. कुछ समय के बाद पवन सिंह फिर भाजपा में सक्रिय हुए और फिर उपेंद्र कुशवाहा से उनका सुलह-समझौता हुआ. फिर वह 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए का खूब प्रचार किया. दरअसल, पवन सिंह के साथ के भोजपुरी के कई कलाकार सांसद हैं. उन्हें भी सांसद बनने की इच्छा थी, लेकिन विवाद ने उनका पीछा नहीं छोड़ा. आसनसोल में जब भाजपा ने टिकट दिया था तो उनके भोजपुरी गाने में कुछ बातों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था. काराकाट से लोकसभा चुनाव लड़े तो डाइवोर्स का केस लड़ रही पत्नी ज्योति सिंह ने उनका पूरा साथ दिया था. फिर भी पवन सिंह चुनाव नहीं जीत सके. फिर विधानसभा चुनाव में ज्योति सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन वहां से भी वह चुनाव हार गई.