TNP DESK- बिहार में सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल के एक सदस्य का अब इस्तीफा देना तय हो गया है. उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र के लिए गुरुवार का दिन बुरी खबर लेकर आया, जबकि नीतीश कुमार के बेटे और भोजपुरी पावर स्टार पवन सिंह के लिए आज का दिन बेहद खास रहा. दोनों अब एमएलसी बन गए है. उपेंद्र कुशवाहा पटना से दिल्ली की दौड़ लगाते रह गए, लेकिन अपने पुत्र को मंत्री तो बना लिया, लेकिन किसी भी सदन के सदस्य नहीं बनवा सके.
एनडीए के 9 और राजद के एक उम्मीदवार ने निर्विरोध चुनाव जीत लिया है. गुरुवार को नाम वापसी की अवधि खत्म होने के बाद सभी को विजई घोषित कर दिया गया. उपेंद्र कुशवाहा के बेटे को एनडीए प्रत्याशी नहीं बनाया था. अब उनके मंत्री पद संकट में है. यह अलग बात है कि यह कुर्सी अब उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के किसी और सदस्य के पास जा सकती है . 9 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव हुए, जबकि नीतीश कुमार द्वारा खाली की गई एक सीट पर उपचुनाव हुआ.
सोमवार को 10 सीटों पर 10 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था. 10 सीटों पर 10 उम्मीदवार होने से मतदान की नौबत नहीं आई और सभी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया. नवनिर्वाचित एमएलसी में जदयू से निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद शामिल है. भाजपा से पवन सिंह, संजय प्रसाद मयूख, अनिल ठाकुर और शीला पंडित के नाम है. लोजपा से अशरफ अंसारी और राजद से सुनील सिंह एमएलसी बने है. अब सवाल उठ रहा है कि कुशवाहा की पार्टी से सम्राट मंत्रिमंडल में कौन मंत्री बनेगा?

