बिहार की कानून-व्यवस्था पर तेजस्वी यादव का हमला, जमुई और सासाराम मामलों को लेकर सरकार से मांगा जवाब

बिहार की कानून-व्यवस्था, जमुई की घटना और सासाराम के कथित हिरासत-मौत मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की.

बिहार की कानून-व्यवस्था पर तेजस्वी यादव का हमला, जमुई और सासाराम मामलों को लेकर सरकार से मांगा जवाब

पटना (PATNA) : बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने जमुई की घटना और सासाराम से जुड़े एक कथित हिरासत-मौत के मामले का जिक्र करते हुए निष्पक्ष जांच, दोषियों पर समयबद्ध कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को सहायता देने की मांग की. तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार पर पुलिस अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर आरोप लगाए. उनका दावा है कि ईमानदार अधिकारियों की अनदेखी की जा रही है, जबकि कथित तौर पर प्रभाव और सेटिंग रखने वाले लोगों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा रही हैं. इन आरोपों पर सरकार का पक्ष सामने आना जरूरी है.

सासाराम के पीड़ित परिवार का मामला उठाया

तेजस्वी यादव ने सासाराम से आए एक पीड़ित परिवार का मामला भी उठाया. परिवार के आरोपों के मुताबिक, एक व्यक्ति को शराब पीने के मामले में उत्पाद विभाग ने हिरासत में लिया था और कथित तौर पर छोड़ने के बदले एक लाख रुपये की मांग की गई. परिवार ने हिरासत के दौरान मारपीट और इंजेक्शन दिए जाने के बाद मौत होने का आरोप भी लगाया है. तेजस्वी ने मामले की विशेष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और जांच को एक तय समय सीमा के भीतर पूरा करने की मांग की. साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता देने की मांग सरकार से की.

जमुई घटना पर नेताओं के बयानों की आलोचना

जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से मारपीट और छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ का वीडियो वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक मुद्दा बन गया है. पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है. तेजस्वी यादव ने घटना को कथित तौर पर 'छुटपुट' बताने वाले बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसी गंभीर घटना को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और ऐसा कहने वाले नेताओं को माफी मांगनी चाहिए. जदयू के कुछ नेताओं की 'छुटपुट घटना' वाली टिप्पणी को लेकर भी विवाद सामने आया है.

अपराधियों की कोई जाति नहीं

तेजस्वी यादव ने कहा कि जमुई की घटना को जाति से जोड़ने के बजाय दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने प्रशासन से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि मामले में शामिल बताए जा रहे लोगों में कितनों की गिरफ्तारी हुई है और बाकी आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई चल रही है. जमुई विधायक और मंत्री श्रेयसी सिंह ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा है कि वीडियो सामने आने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है