बेउर जेल कांड: निलंबित अधिकारियों की एंट्री पर कार्रवाई, 4 कक्षपाल निलंबित,जानिए पूरा मामला

बेउर जेल कांड: निलंबित अधिकारियों की एंट्री पर कार्रवाई, 4 कक्षपाल निलंबित,जानिए पूरा मामला

पटना (PATNA) : राजधानी पटना के बेउर जेल में निलंबित अधिकारियों के अनधिकृत प्रवेश और साक्ष्यों से छेड़छाड़ के मामले में जेल प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. बेउर जेल के उपाधीक्षक सुधीर शर्मा को कारण बताओ (शोकॉज) नोटिस जारी किया गया है. जांच में दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी और निलंबन भी हो सकता है.

चार कक्षपाल तत्काल प्रभाव से निलंबित

वहीं, निलंबित अधिकारियों को बिना जांच-पड़ताल जेल परिसर में प्रवेश देने और कथित मिलीभगत के आरोप में चार कक्षपाल संजीव कुमार गुप्ता, धीरज कुमार, उमेश कुमार और अजय जॉन मरांडी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई निलंबित अधिकारियों के कई दिनों तक जेल के भीतर आने-जाने की जानकारी सामने आने के बाद की गई.

जेल प्रशासन ने उपाधीक्षक सुधीर शर्मा से पूछा है कि जब निलंबित अधिकारी जेल के अंदर जाकर रिकॉर्ड और साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर रहे थे, तब उन्हें इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली. साथ ही यह भी पूछा गया है कि उन्होंने समय रहते इस मामले की सूचना विभाग को क्यों नहीं दी.

कई अहम साक्ष्य नष्ट करने का भी आरोप

सूत्रों के अनुसार, जांच में सामने आया है कि निलंबित उपाधीक्षक अजय कुमार तथा सहायक अधीक्षक अभिषेक कुमार, मनीष कुमार ठाकुर, शालिनी कुमारी और कुंदन कुमार लगातार तीन से चार दिनों तक बिना किसी रोक-टोक के बेउर जेल में प्रवेश करते रहे. इस दौरान उन्होंने गोपनीय फाइलों की जांच की, महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की और कुछ जरूरी कागजात फाड़ने के साथ कई अहम साक्ष्य नष्ट करने का भी आरोप है.

विभागीय कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है

मामले की गंभीरता को देखते हुए बेउर जेल प्रशासन ने 28 जुलाई को पांचों निलंबित अधिकारियों के खिलाफ बेउर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. अब पुलिस सभी आरोपित अधिकारियों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाएगी. इसके अलावा शिवहर, सुपौल और कटिहार जेल के अधीक्षकों को भी शोकॉज नोटिस जारी किया गया है, क्योंकि निलंबित अधिकारियों की तैनाती इन जेलों में की गई थी. मामले की जांच जारी है और आगे भी विभागीय कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.