बाढ़: 36 घंटे से लापता मवेशी कारोबारी का गंगा किनारे मिला शव, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
पटना के मरांची में 36 घंटे से लापता मवेशी कारोबारी रामप्रवेश सिंह का शव गंगा किनारे मिला. परिजनों ने शराब पिलाकर हत्या का आरोप लगाया है.
पटना के मरांची में 36 घंटे से लापता मवेशी कारोबारी रामप्रवेश सिंह का शव गंगा किनारे मिला. परिजनों ने शराब पिलाकर हत्या का आरोप लगाया है.
पटना (PATNA): बाढ़ अनुमंडल के मरांची थाना क्षेत्र के मरांची गांव निवासी रामप्रवेश सिंह का शव रविवार सुबह गंगा नदी के किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई. रामप्रवेश सिंह मवेशियों की खरीद-बिक्री में मध्यस्थता का काम करते थे और शुक्रवार शाम से लापता थे. परिजनों के मुताबिक, रामप्रवेश सिंह शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे मवेशियों की खरीद-बिक्री के सिलसिले में पास के रामपुर डुमरा गांव गए थे. वहां कुछ अन्य लोगों के साथ उनकी मौजूदगी की जानकारी मिली थी. देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला.
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि रामप्रवेश सिंह को जबरन शराब पिलाने के बाद उनकी हत्या की गई. परिजनों का कहना है कि रामप्रवेश की किसी से कोई पुरानी दुश्मनी नहीं थी. मामले में शनिवार शाम मरांची थाने में चार लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. पुलिस ने मामले की जांच के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने गंगा किनारे से रामप्रवेश सिंह का शव बरामद किया.
रामप्रवेश सिंह की पत्नी मीणा देवी ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 10 बजे उनकी पति से फोन पर आखिरी बार बातचीत हुई थी. उनके मुताबिक, फोन पर बातचीत के दौरान पीछे से शराब पीने और कुछ लोगों के बीच विवाद जैसी आवाजें सुनाई दे रही थीं. इसी दौरान अचानक फोन बंद हो गया, जिसके बाद रामप्रवेश से संपर्क नहीं हो सका. मीणा देवी ने यह भी बताया कि इससे पहले भी एक व्यक्ति ने उनके पति को शराब पिलाकर औंटा गांव में छोड़ दिया था. हालांकि, उस घटना में वह अगली सुबह किसी तरह सुरक्षित घर लौट आए थे.
शव बरामद होने के बाद मरांची थाना पुलिस ने उसे अपने कब्जे में ले लिया है. पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया में जुटी है. वहीं, नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. पुलिस फिलहाल हत्या के कारणों और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी. रामप्रवेश सिंह अपने परिवार में अकेले कमाने वाले थे. उनके परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी हैं. घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में भी शोक का माहौल है.