ड्रेस कोड लागू होने के बाद सरकारी स्कूलों में बदला माहौल, फॉर्मल ड्रेस में दिख रहे बिहार के शिक्षक

ड्रेस कोड लागू होने के बाद सरकारी स्कूलों में बदला माहौल, फॉर्मल ड्रेस में दिख रहे बिहार के शिक्षक

टीएनपी डेस्क (TNP DESK):बिहार की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार की ओर से रोज नए-नए फैसले लिए जा रहे है.एक तरफ जहां स्कूलों में बच्चों की मौज-मस्ती को सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रयासरत है, तो वहीं दूसरी तरफ शिक्षकों के व्यवहार और स्कूल में अनुशासन को देखते हुए बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब शिक्षक कोई भी ड्रेस पहनकर स्कूल नहीं जा सकते है. इसके लिए ड्रेस कोड लागू किया गया है.यानी बच्चों की तरह अब शिक्षकों के लिए भी यूनिफॉर्म की व्यवस्था हो गई है. अब बिहार के सरकारी स्कूलों के शिक्षक फॉर्मल पोशाक पहनकर ही स्कूल आएंगे.बिहार सरकार की ओर से यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि सरकारी स्कूलों में शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को अनुशासन का भी पाठ मिल सके.

पढ़ें बिहार सरकार का क्या है निर्देश

 सरकार की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक अब सरकारी शिक्षक स्कूल आने के दौरान केवल फॉर्मल ड्रेस ही पहन सकते है.ऐसा इसलिए ताकि बच्चों के सामने एक अच्छा उदाहरण पेश किया जा सके. बच्चे अपने शिक्षकों को देखकर बहुत कुछ सीखते हैं कि उन्हें कैसे शालीन और साफ-सुथरे कपड़े पहनने चाहिए. सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि यदि कोई सरकारी शिक्षक इस नियम का पालन नहीं करता है और औपचारिक पोशाक के बजाय कुछ भी पहनकर स्कूल आता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन पर जोर 

सरकार के इस फैसले के पीछे एक ही मकसद है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को एक तरफ जहां अच्छी शिक्षा मिले, तो वहीं शिक्षकों से भी कुछ सीखने को मिले.शिक्षक कैसे साफ-सुथरे और शालीन कपड़े पहनते हैं, इसका बच्चों के सामने एक अच्छा उदाहरण पेश किया जा सके, ताकि पढ़-लिखकर बच्चे अच्छे छात्र बनकर स्कूल से निकलें. यदि शिक्षक मर्यादित कपड़े पहनकर स्कूल आएंगे, तो बच्चे भी उनसे सीखेंगे और आगे चलकर वैसा ही करेंगे.क्योंकि सरकार का मानना है कि शिक्षकों की अच्छी पहचान और व्यक्तित्व का बच्चों के दिमाग पर गहरा असर पड़ता है. इसलिए यदि शिक्षक मर्यादा में रहेंगे, तो बच्चे भी पढ़ाई पर ध्यान देंगे.

2024 में ही लागू हुआ था ड्रेस कोड 

वैसे तो साल 2024 में, जब नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री थे, तब उनकी सरकार ने शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू किया था, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया. वहीं, जुलाई 2026 में सख्ती से बिहार में सरकारी शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू करवाया गया है. जिसका असर अब देखने को मिल रहा है.अब सरकारी स्कूलों के शिक्षक फॉर्मल ड्रेस पहनकर बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल आ रहे हैं, जो एक अच्छा उदाहरण पेश कर रहे हैं.