पटना (PATNA): बिहार सरकार लगातार शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए काम कर रही है.सरकार का एक ही मकसद है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े हर उस बच्चे को शिक्षा का हक मिले, जिसका वह हकदार है. इसी कड़ी में रविवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक घोषणा की है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर में आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय स्थापित करने का ऐलान किया है.मुख्यमंत्री ने इसके साथ यह भी कहा कि यह सिर्फ एक संस्थान नहीं होगा, बल्कि बिहार को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा. मुजफ्फरपुर के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले ही वादा किया था कि उनकी सरकार और सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक बड़ा संस्थान बनाएगी, जिसका वादा सरकार ने पूरा किया है.
बिहार के विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी
मंच से घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं आज मुजफ्फरपुर की पवित्र धरती से ऐलान करता हूं कि MIT की धरती पर आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग का एक विशेष विश्वविद्यालय हमारी सरकार बनाएगी. यह आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग की एक विशेष यूनिवर्सिटी होगी.इससे बिहार के विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी.
बिहार के छात्रों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक आर्किटेक्चर की पढ़ाई और शोध के लिए कोई विशेष संस्थान नहीं था, जिसके लिए बिहार के छात्रों को किसी अन्य राज्य में जाना पड़ता था.लेकिन अब बिहार शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है और अब बिहार के बच्चों को वास्तुकला की पढ़ाई करने के लिए दूसरे राज्य में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.अब उन्हें अपने ही राज्य में यह सुविधा मुहैया कराई जाएगी.सरकार ने इस दिशा में एक कदम बढ़ाया है.
मुजफ्फरपुर में ही होगी यूनिवर्सिटी की स्थापना
सीएम ने यह भी इशारा किया है कि यूनिवर्सिटी की स्थापना मुजफ्फरपुर में ही होगी.इसे धरातल पर उतारने की दिशा में सरकार जरूरी कदम उठाएगी. मुख्यमंत्री का कहना है कि यह विश्वविद्यालय या संस्थान बच्चों को केवल डिग्री ही नहीं देगा, बल्कि आधुनिक बुनियादी ढांचा, स्मार्ट सिटी, शहरी विकास, भवन निर्माण के साथ-साथ अनुसंधान का भी सेंटर होगा.मुख्यमंत्री ने कहा है कि बिहार को तकनीकी शिक्षा का केंद्र बनाना है, जहां इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर जैसी उच्च एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने से बिहार के युवाओं के करियर को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. इसके साथ ही विकास के कार्यों में युवाओं की विशेष भागीदारी भी सुनिश्चित होगी.
अब निर्माण पर टिकी है सबकी नजर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा यह घोषणा किए जाने के बाद कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा.मुख्यमंत्री का स्वागत लोगों ने गर्मजोशी के साथ किया. वहीं, इस फैसले को छात्रों ने बिहार के लिए बड़ी सौगात बताया.वहीं, आर्किटेक्चर की पढ़ाई के लिए विशेष विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा के साथ अब लोगों की निगाहें इस बात पर भी होंगी कि इस महत्वाकांक्षी योजना को कब मंजूरी मिलेगी और इसका निर्माण कार्य कब शुरू किया जाएगा.यदि सरकार ने जैसा कहा है, उसके हिसाब से समय पर यह काम पूरा हो जाता है, तो आने वाले दिनों में मुजफ्फरपुर प्रमुख तकनीकी शिक्षा केंद्र के रूप में अपनी अलग पहचान बना सकता है.

