PMCH में डेंगू मरीजों के लिए 20 बेड का विशेष वार्ड तैयार, 24 घंटे मिलेंगी इलाज की सुविधाएं

PMCH में डेंगू मरीजों के लिए 20 बेड का विशेष वार्ड तैयार, 24 घंटे मिलेंगी इलाज की सुविधाएं

पटना:बरसात के मौसम में डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) ने मरीजों के इलाज के लिए विशेष तैयारियां पूरी कर ली हैं. अस्पताल प्रशासन ने डेंगू रोगियों के लिए 20 बेड का समर्पित वार्ड तैयार किया है, जहां इलाज के साथ आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी. अस्पताल का कहना है कि संभावित मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा व्यवस्था को पहले से ही मजबूत किया गया है.

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक (RSB) में बनाए गए विशेष वार्ड में मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मच्छरदानियों सहित जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई है. वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों की निगरानी के लिए डॉक्टरों और मेडिकल अटेंडेंट की 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके.

PMCH के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल हर मौसम में संभावित स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए पहले से तैयारी करने की रणनीति पर काम करता है. उन्होंने कहा कि डेंगू मरीजों को बेहतर जांच सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नए रेडियोलॉजी भवन में आधुनिक जांच सेवाओं का भी विस्तार किया गया है. जरूरत पड़ने पर मरीजों की जांच और इलाज में किसी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं.

राज्य स्तर पर भी स्वास्थ्य विभाग डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम को लेकर लगातार निगरानी बनाए हुए है. विभाग ने सभी जिलों को मच्छर नियंत्रण, फॉगिंग, सर्विलांस, जांच और उपचार की व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. वर्तमान में राज्यभर में 318 फॉगिंग मशीनों के माध्यम से अभियान चलाया जा रहा है. इसके अलावा जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में NS1 ELISA और IgM ELISA जांच किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच की जा सके.

स्वास्थ्य विभाग संभावित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में नियमित एंटोमोलॉजिकल सर्विलांस भी कर रहा है. साथ ही पूरे जुलाई महीने को 'एंटी-डेंगू माह' के रूप में मनाते हुए लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है. हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सभी जिलों में फॉगिंग, जांच, दवा और उपचार व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए थे. उन्होंने स्पष्ट कहा था कि बरसात के मौसम में डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.:::