बिहार के 30 हजार भूमिहीन परिवारों को बड़ी सौगात, 20 नवंबर को मिलेगा 3-3 डिसमिल जमीन का पर्चा
बिहार में अभियान बसेरा-2 के तहत 30 हजार भूमिहीन परिवारों को 20 नवंबर को तीन-तीन डिसमिल जमीन का पर्चा दिया जाएगा. विभाग ने जिलावार लक्ष्य तय कर दिया है.
बिहार में अभियान बसेरा-2 के तहत 30 हजार भूमिहीन परिवारों को 20 नवंबर को तीन-तीन डिसमिल जमीन का पर्चा दिया जाएगा. विभाग ने जिलावार लक्ष्य तय कर दिया है.
पटना (PATNA): बिहार में 30 हजार भूमिहीन परिवारों को जल्द वासभूमि का अधिकार मिलने जा रहा है. राज्य सरकार के एक साल का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर 20 नवंबर को अभियान बसेरा-2 के तहत पात्र परिवारों को तीन-तीन डिसमिल जमीन का पर्चा देने की तैयारी की गई है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलों के लिए लाभुकों का लक्ष्य निर्धारित करते हुए आवश्यक प्रक्रिया समय पर पूरी करने का निर्देश दिया है. योजना के तहत पात्र अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के भूमिहीन परिवारों को घर बनाने के लिए वासभूमि उपलब्ध कराई जाएगी. विभाग के अनुसार, इससे पहले 15 अगस्त को भी 30 हजार लाभुकों को तीन-तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध कराई गई थी. अब तक राज्य में कुल 93,916 लाभुकों को वासभूमि दी जा चुकी है.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने संबंधित अधिकारियों को लाभुकों के चयन, जमीन की पहचान, अभिलेखों के सत्यापन और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को 6 नवंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया है. इसके बाद 20 नवंबर को चयनित लाभुकों को बंदोबस्ती प्रमाण पत्र यानी जमीन का पर्चा दिया जाएगा. विभाग ने ऐसे लोगों के लिए भी विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है, जिन्हें पहले जमीन का पर्चा मिल चुका है लेकिन अब तक वास्तविक कब्जा नहीं मिला. इसके लिए 'ऑपरेशन भूमि दखल-देहानी' के तहत संबंधित मामलों की पहचान कर पर्चाधारियों को आवंटित जमीन पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी.
जिलावार लक्ष्य में पटना में 1,709 परिवारों को वासभूमि देने का लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा पूर्वी चंपारण में 1,493, मुजफ्फरपुर में 1,405, मधुबनी में 1,314, गया में 1,285 और समस्तीपुर में 1,247 लाभुकों को जमीन उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अभियान को समय पर पूरा करने के लिए जिलाधिकारियों को हर सप्ताह प्रगति की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है. विभाग का जोर लाभुकों के चयन से लेकर जमीन का पर्चा जारी करने और वास्तविक कब्जा दिलाने तक की प्रक्रिया को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने पर है.