बिहार में बाढ़ से नुकसान का जायजा लेने आज पटना पहुंचेगी केंद्रीय टीम, शिवराज सिंह चौहान करेंगे नेतृत्व
बिहार में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में केंद्रीय टीम आज पटना पहुंचेगी. टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर फसलों और अन्य नुकसान की स्थिति का जायजा लेगी.
पटना (PATNA) :बिहार में बाढ़ से प्रभावित लोगों, कृषि क्षेत्र और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र की टीम का दौरा करेगी. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान इस टीम का नेतृत्व कर रहे हैं. हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, राज्य के 15 जिलों में करीब 49.67 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. केंद्रीय टीम के दौरे का मुख्य उद्देश्य बाढ़ से हुई क्षति की वास्तविक स्थिति को समझना है. इसके तहत प्रभावित इलाकों में जाकर खेतों, फसलों, मकानों और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा.
बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करेगी टीम
पटना पहुंचने के बाद केंद्रीय मंत्री और अधिकारियों का दल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगा. गंगा नदी से सटे इलाकों की स्थिति पर विशेष ध्यान रहने की संभावना है. हाजीपुर सहित प्रभावित क्षेत्रों में जमीनी निरीक्षण कर स्थानीय हालात की जानकारी जुटाई जाएगी. इस दौरान केंद्रीय टीम बाढ़ प्रभावित परिवारों और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं समझेगी. खास तौर पर कृषि क्षेत्र में हुए नुकसान का आकलन महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि बाढ़ के कारण कई इलाकों में खड़ी फसलों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है.
किसानों से ली जाएगी फसल नुकसान की जानकारी
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रभावित किसानों से मुलाकात कर फसलों की क्षति के बारे में जानकारी लेंगे. टीम द्वारा जुटाई गई जानकारी बिहार में बाढ़ से हुए समग्र नुकसान के आकलन में महत्वपूर्ण होगी. केंद्रीय दल फसलों के साथ मकानों और अन्य बुनियादी ढांचे की क्षति का भी जायजा लेने वाला है.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे समीक्षा बैठक
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी बाढ़ की स्थिति को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे. बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट भी सम्राट चौधरी को वर्तमान मुख्यमंत्री के रूप में सूचीबद्ध करती है. बैठक में बाढ़ की मौजूदा स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों और प्रभावित लोगों तक पहुंचाई जा रही सहायता की समीक्षा की जाएगी. आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी राज्य में हुए नुकसान और सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी केंद्रीय टीम के सामने रखेंगे.
केंद्रीय दल के दौरे के बाद बाढ़ से फसलों, मकानों, बुनियादी ढांचे और आजीविका को हुए नुकसान की विस्तृत तस्वीर सामने आने की उम्मीद है.