पटना में 90 फीट ऊंचे रावण का दहन,मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने तीर चलाकर बुराई पे अच्छाई की जीत का दिया संदेश
पटना: बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक विजयादशमी के अवसर पर राजधानी पटना के गांधी मैदान में भव्य रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान बिहार के सबसे ऊंचे 90 फीट के रावण के पुतले का दहन किया गया.
पटना: बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक विजयादशमी के अवसर पर राजधानी पटना के गांधी मैदान में भव्य रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान बिहार के सबसे ऊंचे 90 फीट के रावण के पुतले का दहन किया गया. इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए गांधी मैदान में लाख लोगों की भीड़ उमड़ी. पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा.कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और नगालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
रावण दहन कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्यपाल ने तिलक लगाकर और आरती उतारकर भगवान राम और लक्ष्मण का स्वागत किया. इसके बाद मुख्यमंत्री समेत मंच पर मौजूद नेताओं ने तीर चलाकर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया.
कार्यक्रम के दौरान रामलीला के दृश्यों ने लोगों का मन मोह लिया. सबसे पहले हनुमान जी ने अपनी पूंछ से लंका दहन किया. इसके बाद भगवान राम और लक्ष्मण ने तीर चलाकर क्रमशः कुंभकर्ण, मेघनाद और रावण का वध किया. जैसे ही 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले में आग लगी, पूरा गांधी मैदान आतिशबाजी और जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा.
रावण दहन को खास बनाने के लिए अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया गया. रावण की आंखों से अंगारे निकलने, मुंह से शोले उठने और कानों व कंधों से रंगीन धुआं निकलने के दृश्य आकर्षण का केंद्र रहे. इसके साथ ही रावण के ठहाके की प्रस्तुति ने भी दर्शकों को रोमांचित कर दिया.
गांधी मैदान में लाखों लोगों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. पूरे कार्यक्रम पर नजर रखने के लिए 120 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे. बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बावजूद कार्यक्रम को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए विशेष सतर्कता बरती गई.पटना के गांधी मैदान में आयोजित इस भव्य रावण दहन कार्यक्रम ने एक बार फिर विजयादशमी के उस संदेश को जीवंत किया कि अंततः सत्य और अच्छाई की ही जीत होती है.