बिहार कैबिनेट के 25 बड़े फैसले : जेल कर्मियों का मानदेय बढ़ा, हाजीपुर-खगड़िया की परियोजनाओं को मिली मंजूरी

बिहार कैबिनेट के 25 बड़े फैसले : जेल कर्मियों का मानदेय बढ़ा, हाजीपुर-खगड़िया की परियोजनाओं को मिली मंजूरी

पटना (PATNA) : राजधानी में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 25 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई गई. बैठक में विकास, कानून-व्यवस्था, खनन, जेल प्रशासन और शहरी विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए.

वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक जारी रहेगी

कैबिनेट ने पश्चिम चंपारण जिले के अंतर्गत समेकित थारूहट विकास अभिकरण, बेतिया के माध्यम से संचालित योजनाओं की अवधि बढ़ाने का फैसला किया. अब यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक जारी रहेगी. साथ ही बजट में उपलब्ध राशि के खर्च की भी मंजूरी दी गई, जिससे क्षेत्र के विकास कार्यों को गति मिलेगी.

बैठक में बिहार खनिज (समादान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2026 को भी स्वीकृति दी गई. सरकार का मानना है कि इससे अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी.

राज्यभर में कार्यरत पूर्व सैनिकों को सीधा लाभ मिलेगा

जेल प्रशासन से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले में बिहार की जेलों में अनुबंध पर कार्यरत भूतपूर्व सैनिक सह-क्षपाल का मासिक मानदेय 19,800 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दिया गया. इस फैसले से राज्यभर में कार्यरत पूर्व सैनिकों को सीधा लाभ मिलेगा.

प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी

इसके अलावा, बिहार की जेलों में यदि किसी बंदी की मृत्यु होती है तो उसके विधिक आश्रित, निकटतम परिजन या विधिक उत्तराधिकारी को मुआवजा देने के लिए नई नीति बनाने को भी मंजूरी दी गई. सरकार का कहना है कि इससे ऐसी परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी.

शहरी विकास के क्षेत्र में दो बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी

शहरी विकास के क्षेत्र में भी दो बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी मिली. अमृत 2.0 मिशन के तहत हाजीपुर सीवरेज नेटवर्क एवं एसटीपी निर्माण परियोजना के लिए 232.90 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई. वहीं खगड़िया जलापूर्ति परियोजना के लिए 170.86 करोड़ रुपये मंजूर किए गए. इन परियोजनाओं के पूरा होने से दोनों शहरों में पेयजल और सीवरेज व्यवस्था में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है.

कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में विकास कार्यों को तेज करने, आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.