बिहार में 1700 कौशल विकास केंद्र बंद, पटना के नियोजन भवन में संचालकों ने किया जोरदार हंगामा
बिहार में करीब 1700 कौशल विकास केंद्र बंद होने के विरोध में संचालकों ने पटना के नियोजन भवन में प्रदर्शन किया. पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने श्रम संसाधन मंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं.
पटना (PATNA): बिहार में करीब 1700 कौशल विकास केंद्रों को बंद किए जाने के विरोध में बड़ी संख्या में केंद्र संचालक पटना के नियोजन भवन पहुंचे. यहां संचालकों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और श्रम संसाधन मंत्री से मुलाकात की मांग की. इस दौरान नियोजन भवन परिसर में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही.
10 हजार से अधिक लोग करते हैं काम
बताया जा रहा है कि राज्य के इन कौशल विकास केंद्रों में 10 हजार से अधिक लोग काम करते हैं. केंद्रों के बंद होने के बाद इनसे जुड़े लोगों के रोजगार को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में केंद्र संचालक अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने के लिए नियोजन भवन पहुंचे थे. प्रदर्शनकारी श्रम संसाधन मंत्री से सीधे मुलाकात करना चाहते थे. नियोजन भवन में बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंत्री की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया. इसके बाद प्रदर्शनकारी मंत्री के गेट के बाहर जमा हो गए और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी करने लगे.
प्रदर्शनकारी मंत्री के खिलाफ नारे लगाते रहे
काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद पांच लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल को श्रम संसाधन मंत्री से मिलने की अनुमति दी गई. प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मंत्री के सामने कौशल विकास केंद्रों से जुड़ी अपनी समस्याएं और मांगें रखीं. मंत्री की ओर से उनकी बात सुनने और आश्वासन दिए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी संतुष्ट नजर नहीं आए.मुलाकात के बाद भी नियोजन भवन के बाहर नारेबाजी जारी रही. स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. इसके बाद पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच श्रम संसाधन मंत्री को नियोजन भवन से बाहर निकाला गया. इस दौरान भी प्रदर्शनकारी मंत्री के खिलाफ नारे लगाते रहे.
केंद्र संचालकों का कहना है कि कौशल विकास केंद्रों के बंद होने से हजारों लोगों के रोजगार और आजीविका पर असर पड़ रहा है. ऐसे में उनकी मांग है कि सरकार इस मामले में जल्द ठोस फैसला करे.